Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
दूब बहुत ही अनमोल घास है। यह सोने की धातु से कम नहीं है। दूब को हम बरमूडा घास के नाम से भी जानते हैं। आपको बता दें कि दूब को हमारे देश में पवित्र माना जाता है। इसका एक नाम और है-दूर्वा। दूर्वा हिन्दुओं के लिए धार्मिक महत्व वाली है। आपको बता दें कि खेल के मैदान से लेकर मंदिर परिसर, बाग-बगीचों और अपने आसपास टहलने वाली जगहों पर दूब विशेष तौर पर उगाई जाती है। दूब घास को पेट के रोगों, लीवर रोगों के लिए चमत्‍कारी माना जाता है। दूब में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं। दूब के कुछ और भी विशेष लाभ आप उठा सकते हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में।
आयुर्वेद के विद्वानों के अनुसार दूब और चूने को बराबर मात्रा में पानी के साथ पीसकर माथे पर लेप करने से सिरदर्द में तुंरत लाभ होता है। वहीं अगर दूब को पीसकर पलकों पर लगाया जाए तो इससे आंखो को फायदा पहुंचता है और नेत्र सम्बंधी रोग दूर होते हैं।
हाल के दिनों में कई शोध अध्ययनों से दूब की ग्लाइसेमिक क्षमता को साबित किया गया है। इस घास के अर्क से मधुमेह रोगियों पर महत्वपूर्ण हाइपोग्लिसीमिक प्रभाव पड़ता है और इसके साथ यह विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के जोखिम को कम करने के साथ जुडी हुई है।
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें Lop Scoop App, वो भी फ़्री में और कमाएँ ढेरों कैश आसानी से
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.