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आराधना हमारी पूजा को सार्थक बनाती है। इससे हमारा मन तमाम तरह की ऊर्जाओं से भर जाता है। इसमें देवी दुर्गा माता के प्रति भक्त अपनी कृतज्ञता प्रदर्शित कर मन को विमल यानी का साफ़-सुथरा और स्वच्छ बना लेना है। आपको बता दें कि जब हमारा मन स्वच्छ होता है तभी हम अच्छा महसूस कर पाते हैं और जब हम अच्छा महसूस करते हैं तभी हमारी बुद्धि में अच्छे विचार घर करते हैं। ऐसे में हमें अपनी पूजा में आराधना के लिए देवी के कुछ पाठों के ज़रूर शामिल करना चाहिए। इसीलिए आज हम आपको 3 अद्भुत पाठ बताने वाले हैं जिन्हें आप सीधे सुनकर आनन्द ले सकते हैं।
1. दुर्गा देवी कवचम्
दुर्गा देवी कवचम् एक अति शान्ति पाछ है। इसे सुनते रहने से मन शान्त और स्थिर हो जाता है। देवी कवचम् का पाठ कुछ इस प्रकार है- ऊँ यद्गुह्यं परमं लोके सर्वरक्षाकरं नृणामं। यन्न कस्यचिदाख्यातं तन्मे ब्रूहि पितामह...
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2. दुर्गा कवचम् द्वितीय राग
दुर्गा देवी कवचम् की यह एक और दूसरी राग है, जिसका ताल पहले से भिन्न है। आपको बता दें कि इसकी धुन और ताल मात्र बदल जाने भर से इसके द्वारा आपे मन में पहले से भिन्न भाव प्रगट होते हैं।
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3. महिषासुर मर्दिनी स्त्रोतम्
महिषासुर मर्दिनी स्त्रोतम् माँ दुर्गा के उस स्वरूप की स्तुति है जब वह महिषासुर का नाश कर होती हैं। यह उनके परमेश्वरी स्वरूप का पाठ है। इस पाठ को करने से आपमें शक्ति का संचार होता है।
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Author: Amit Rajpoot
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