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सेंधा नमक को सैन्धव नामक भी कहते हैं। यह नमक का सबसे बेहतरीन क्रिस्टल होता है। इसे सामान्य रूप से उपयोग में न लेकर ज़्यादातर लोग इसे औषधि के रूप में ही उपयोग करते हैं। आपको बता दें कि सेंधा नमक कुछ चिकना, ठण्डी प्रकृति का और भूख बढ़ाने वाला होता है। यह पाचक, उत्तेजना को बढ़ाने वाला, आंखों के लिए लाभकारी, मल को रोकने वाला तथा हृदय के रोगों को ठीक करने वाला होता है। सेंधा नमक पचने में आसान होता है। यह त्रिदोष (वात, पित्त और कफ) को नष्ट करता है। आइए जानते हैं सेंधा नमक के कुछ और गुणों के बारे में।
अधिक पसीना आना:
यदि पसीना अधिक आता हो तथा इसमें बदबू भी आती हो तो नमक का सेवन करना बन्द कर दें या जरूरत भी पड़े तो इसका कम मात्रा में प्रयोग करें।
पेशाब करने में रुकावट होना:
1 ग्राम नमक को 200 मिलीलीटर ठंडे पानी में मिलाकर रोज सुबह पीएं इससे पेशाब की रुकावट दूर होती है तथा पेशाब से बदबू भी नहीं आती है।
जहरीले कीड़ों के काटने पर:
मक्खी या भिण्ड आदि के द्वारा काटने पर पानी में नमक डालकर रगड़ने से तथा नमक का पानी पीने से आराम मिलता है।
मासिकधर्म का बन्द होना:
2 ग्राम नमक पानी में मिलाकर दिन में 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) सेवन करने से मासिकधर्म आने लगता है।
दाद:
मिट्टी के तेल में सेंधानमक को पीसकर दाद पर लगाएं इससे दाद बिल्कुल ठीक हो जाता है। नमक को पानी में घोलकर लेप बना लें, इसके 1 घंटे के बाद इसे दाद पर लगाएं इससे दाद ठीक हो जाता है।
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