Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
दिवाली का आग़ाज़ लगभग हो ही गया है। त्योहारों की शुरूआत एक शुभ नोट से होती है, जो सबसे पहले दशहरे से शुरू होकर दिवाली पर खत्म होती है। इसी बीच धनतेरस भी आता है। इस दिन के लिए कई रिवाज और मान्यताएं हैं। इस दिन सबसे ज़्यादा शुभ माना जाता है सोना या चाँदी खरीदना। इसके साथ ही इस दिन बर्तन खरीदना भी शुभ होता है। इन सब के पीछे है एक कहानी। आइये आपको बताते हैं इस कहानी के बारे में।
धनतेरस के बारे में ऐसी मान्यता है कि महर्षि धन्वन्तरि जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। चूंकि भगवान धन्वन्तरि कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है। कहीं-कहीं लोकमान्यता के अनुसार यह भी कहा जाता है कि इस दिन धन (वस्तु) खरीदने से उसमें तेरह गुणों की वृद्धि होती है। इस अवसर पर लोग धनिया के बीज खरीदकर भी घर में रखते हैं। दीपावली के बाद इन बीजों को लोग अपने बाग-बगीचों में या खेतों में बोते हैं।
धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की भी प्रथा है, जिसके सम्भव न हो पाने पर लोग चांदी के बने बर्तन खरीदते हैं। इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि चांदी चन्द्रमा का प्रतीक है जो शीतलता प्रदान करता है। इससे मन में संतोष रूपी धन का वास होता है।
Author- Anida Saifi
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop app, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से...
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 2
  • 1
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.