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हाल ही में दिल को झकझोर देने वाली एक खबर तमिलनाडु से आयी है। आपको बता दें कि कुछ दिनों से तमिलनाडु हाई एलर्ट पर हैं, क्योंकि वहां पर तूफान आया है। तूफान का नाम गाजा है, साथ ही अब तक कई लोगों की इस तूफान से मौत भी हो चुकी है। लेकिन बात इतनी ही नहीं है क्योंकि सैंकड़ों लोग तूफान की चपेट में आकर मर चुके हैं। यहां पर बड़ी बात तो ये है कि इस दौरान एक 14 साल की बच्ची की मौत हो गयी जिसमें कुदरत और इन्सान दोनों का हाथ था।
मीडिया रिपोर्ट की माने तो 14 साल की इस बच्ची को पहली बार पीरियड्स हुए थे। इसी बीच सब जगह हाइ एलर्ट जारी था, जिसके कारण सब लोगों को घर के अंदर रहने के लिए कहा गया। लेकिन तमिलनाडु की एक प्रथा के मुताबिक जैसे ही लड़कियों को पीरियड्स हो जाते हैं उनको घर से बाहर रहना पड़ता है। वह भी नारियल के पेड़ से बनी एक झोपड़ी में। इतने में ही तूफान आया और बच्ची की झोपड़ी पर नारियल का पेड़ गिर पड़ा और बच्ची की मौत हो गयी। उस वक्त बच्ची की मां भी उस झोपड़ी में थी लेकिन उनको सिर्फ चोट आयी।
ऐसी ही कई और प्रथाएं और रीति-रिवाज लड़कियों को महावारी के टाइम झेलने पड़ते हैं, जानिये यहां पर...
पार्टनर से कर देते हैं दूर
इंडोनेशिया के एक टापू पर लोगों का मानना है कि किसी भी पुरुष को गुप्त रोग जब होता है जब वह अपनी पत्नी के साथ उन दिनों में सहवास कर लेते हैं। इसी के चलते कई धर्मों का ऐसा मानना है कि इस दौरान महिलाओं का बिस्तर अलग कर देना चाहिये और उनको अपने पार्टनर से दूरी बनाकर रखनी चाहिये।
अलग कर देते हैं रहने की जगह भी
बाली, दक्षिण भारत के हिंदू समुदाय, और नाइजीरिया देश के कुछ समुदाय में महिलाओं के साथ ऐसा किया जाता है कि इस दौरान घर से बाहर निकाल देते हैं जिसके कारण इनको काफी परेशीनियों का सामना करना पड़ता है।
खाना बनाना है पाप
घर परिवार की समृद्धि के लिए नेपाल, बाली, राजस्थान और बांगलादेश के लोग महिलाओं को महावारी के समय किचन में दाखिल होने नहीं देते हैं। साथ ही किसी और के खाने-पीने के पास भी नहीं आने देते हैं।
रोड पर नहीं निकल सकती महिलाएं
बात मुख्य तौर पर राजस्थान की करें तो यहां पर लड़कियों को जैसे ही पीरियड् हो जाते हैं तो इन्हें रोड पर नहीं घूमने दिया जाता है। साथ ही बाहर निकलना भी कम हो जाता है। इसी के बीच लड़कों से भी नहीं मिल सकते हैं। कहा जाता है कि महावारी के बाद प्रेगनेंट होना आसान होता है इसीलिए।
पीते हैं उन दिनों का ब्लड
बंगाल में एक प्रजाती है बौल, जिन्हें वौल ऑफ बंगाल भी कहा जाता है। इस जगह पर एक अजीबो गरीब रिवाज है। जिसके तहत जब भी किसी लड़की को पहली बार पीरियड्स हो जाते हैं तो इस दौरान एक भव्य कार्यक्रम रखा जाता है जिसमें रिशतेदार तथा बाकी के लोग भी शामिल होते हैं। फिर पीरियड्स का ब्लड गाय के दूध में मिलाते हैं और इसमें नारियल का दूध, काफूर, ताड़ का जूस तथा चीनी मिलाई जाती है और सबको पीने के लिए दिया जाता है। कहते हैं इसे पीने से सुख, समृद्धि और जीवन में खुशहाली आती है साथ हीएक दूसरे के प्रती प्रेम भी बड़ता है।
Author- Anida Saifi
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