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जी हां, आमतौर पर हमारे समाज में शादी के लिए लड़के-लड़की की कुंडली मिलाई जाती है ताकी आगे चलकर उनके वैवाहिक जीवन में कोई बाधा ना आए, पर वास्तव में कुंडली मिलाने से कहीं अधिक जरूरी है, उनका मेडिकल चेकअप करवाना। अअअ... रूकिए जनाब कहीं आप वर्जिनिटी टेस्ट तो नहीं समझ रहे हैं, नहीं भाई हमारा मतलब कत्तई वर्जिनिटी टेस्ट से नहीं है बल्कि, हम तो उन टेस्ट की बात कर रहे हैं, जो कि निकट भविष्य में आने वाली कई बड़ी परेशानियों को टाल सकते हैं।
असल में, इन टेस्ट का मकसद ये जानना होता है कि शादी करने के लिए लड़का-लड़की दोनो शारीरिक रूप से कितने तैयार हैं। क्योंकि शादी के बाद लड़के-लड़की को एक नई पीढ़ी की शुरूआत करनी होती है और उनकी आने वाली पीढ़ी कैसी होगी ये बहुत कुछ दोनो को शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। ऐसे में स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से देखा जाए तो एक हेल्दी रिलेशनशिप के लिए शादी से पहले कुछ हेल्थ चेकअप करा लेना बेहतर होगा।
तो चलिए जानते हैं कि एक बेहतर शादीशुदा ज़िंदगी के लिए कौन कौन से मेडिकल टेस्ट कराना जरूरी है।
जेनेटिक टेस्ट
शादी से पहले जेनेटिक टेस्ट ये आपको ये पता चल जाएगा कि आपके पार्टनर को कोई अनुवांशिक बीमारी तो नहीं है और कहीं आपके होने वाले बच्चें को तो इससे कोई नुकसान नहीं होगा। वहीं अगर टेस्ट में ऐसी किसी गंभीर बीमारी का पता चलता है तो समय रहते उसका इलाज करवाना भी सम्भव होता है।
एसटीडी टेस्ट (यौन संचारित रोग)
जी हां, शादी से पहले एसटीडी टेस्ट कराना बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर दोनों में से किसी एक को ऐसी समस्याएं है तो दूसरे को भी हो सकती है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप पहले ही इसकी जांच करा लें और उसके अनुसार डाक्टर की परामर्श लें।
बल्ड टेस्ट
दरअसल, बल्ड टेस्ट इसीलिए जरूरी हो जाता है, ताकी इससे Rh फैक्टर का पता चल सके, क्योंकि अगर लड़का-लड़की दोनों का Rh फैक्टर एक हो तो ये प्रेगनेंसी के लिए बेहतर रहता है। वहीं अगर बच्चे और मां का Rh फैक्टर अलग अलग होने से प्रेगनेंसी के समय मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
इनफर्टिलिटी स्क्रीनिंग
आमतौर पर इनफर्टिलिटी के लिए लड़की को ही दोष दिया जाता है, जबकि वास्तव में इसके लिए दोनो में कोई भी जिम्मेदार हो सकता है। इसलिए बेहतर है कि शादी के बाद आपको ऐसी दिक्कतों के बारे में पता चले, आप पहले से ही उसके लिए तैयार हो जाएं। इसके लिए लड़कियों में प्रजनन हार्मोंस जैसे FSH, LH, Prolactin और PCOS की जांच होती है तो वहीं लड़कों में Sperm Sample के जरिए जांच की जाती है।
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Author: Yashodhara Virodai
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