Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
आज यानी 2 दिसम्बर को देश भर में प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जा रहा है, ऐसे में आज फिर कई सारे कार्यक्रमों में प्रदूषण नियंत्रण की बाते होंगी, पर वहीं कल फिर सभी लोग इसके प्रति उदासीन हो जाएंगे। आम नागरिक जहां इसके लिए सरकार को दोषी ठहराएगी, वहीं सरकार आम लोगों की निष्क्रियता को। लेकिन जरा आप भी सोचिए, क्या जरूरी है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए हम किसी योजना का इंतजार करें, बल्कि ये तो हमारे सोच, हमारे व्यवहार में शामिल होना चाहिए कि हम इसके लिए खुद तत्पर रहें। क्योंकि जब तक हम और आप इसके लिए व्यक्तिगत स्तर पर नहीं सोचंगे, इस दिशा में सकारात्मक परिणाम नहीं मिल सकता है। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जिसे रोजमर्रा की जिंदगी में अमल कर आप भी प्रदूषण नियंत्रण में अपना योगदान दे सकते हैं। तो चलिए जानते हैं ऐसी छोटी-छोटी मगर मोटी बातों के बारे में...
रेड लाइट पर बंद कर दें गाड़ी का इंजन
ट्रैफिक सिग्नल पर रेड लाइट होने पर आप अपनी गाड़ी का इंजन बंद कर ना सिर्फ आप बचत कर सकते हैं, बल्कि आप पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपना छोटा सा योगदान भी दे सकते हैं।
बंद करें बेवजह संसाधनों का प्रयोग
एयर कंडीशनिंग जैसे संसाधनों का उपयोग जहां तक हो सके कम से कम करें, क्योंकि ये सीएफसी जैसे हानिकारक पदार्थों का उत्सर्जन करते हैं जो कि पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक होते हैं।
पर्यावरण अनुकूल वाहनों का चुनाव करें
जहां तक हो सके आवागमन के लिए पर्यावरण के अनुकूल वाहनों का चुनाव करें जैसे कि ई-रिक्शा और साइकिल। वहीं बेहतर है कि कहीं जाने के लिए आप अपने निजी वाहन से अकेले जाने की बजाय, सार्वजनिक सवारी वाले साधन या टैक्सी का चुनाव करें। इससे आप पहले से प्रदूषित हो चुकी धरती का बोझ निश्चिक तौर पर कम कर सकते हैं।
आतिशबाजी से बचें
दिवाली में आतिशबाजी पर कई महानगरों में सरकार ने भले ही रोक लगा कर थोड़ा राहत पाई हो हो पर अभी भी दूसरे तीज-त्योहार और शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों में लोग अंधाधुन आतिशबाजी करते नजर आते हैं। अगर आप भी इनमें से एक हैं तो सोचिए... क्या आप चंद पलों की खुशी को आतिशबाजी के जरिए बयां करना चाहते हैं या एक बेहतर और सुरक्षित वातावरण वाला भविष्य। वातावरण का धुंध और काले जहर से बचाना चाहते हैं तो आतिशबाजी का शौक छोड़ दें।
ऊर्जा संरक्षण
जी हां, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे जरूरी है कि ऊर्जा संरक्षण किया जाए क्योंकि जितना अधिक प्राकृतिक संसाधनों का दोहन होगा उतना ही प्रदूषण बढ़ेगा। ऐसे में जितना हो सके बिजली का बचत करिए। इसके लिए आप ऊर्जा की बचत करने वाले उपकरणों जैसे कि एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट आदि का अधिक से अधिक प्रयोग करें।
जल संरक्षण
ऊर्जा के साथ-साथ जल संरक्षण भी पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद जरूरी है, जिस पर अमल करना हम सब के लिए बेहद जरूरी है। इसी धरती पर बहुत से ऐसे सूखा क्षेत्र हैं जहां पीने का पानी भी बड़ी मशक्कत के बाद मिलता है। इसलिए अपने दैनिक कार्यो के लिए जितना हो सके उतने कम पानी में काम चलाइए और भविष्य के लिए जल बचाइए क्योंकि जल ही जीवन है।
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से
Author: Yashodhara Virodai
YOUR REACTION
  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.