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हमारे यहां खुलेआम गाली देना तो सामान्य है पर पीरियड्स के बारे में बाते करना पाप के समान माना जाता है... यहां तक कि इस वजह से घर-परिवार में भी महिलाएं इस पर बात करने से संकोच करती हैं। जबकि समझने वाली बात ये है कि ये महिलाओं के शारीरिक अवस्था से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया है, ऐसे में इस पर बात करना लाज़मी है, खासकर उन बच्चियों से जो इस अवस्था से गुजर रही हो। ऐसे में मां को चाहिए कि वो इस वक्त बच्ची को वो खास ख्याल रखे और वो सारी जानकारी दें जो जरूरी है। आज हम आपको कुछ ऐसी ही बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि एक मां को खास ध्यान में रखनी चाहिए जबकि उसकी बेटी पहली बार हो पीरियड्स में हो।
सही समय सही जानकारी दें
जी हां, सबसे पहले हर बेटी की मां की ये जिम्मेदारी होती है कि वो उसे सही समय पर इसकी सही जानकारी दें। क्योंकि अक्सर ऐसा होता है कि लड़की को पहले इस बारे में कभी पता ही नहीं होता और जब वो पहली बार पीरियड में आती है तो उसे कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं अगर आपने इस बारे में अपनी बेटी को नहीं बताया है और उसका पहला पीरियड आ चुका है तो भी ये आपकी ही जिम्मेदारी है कि अभी उस इस बारे में सही जानकारी दें।
मानसिक उलझने सुलझाएं
पीरियड ना सिर्फ लड़की के शरीर में बदलाव लाता है, बल्कि इसके साथ ही उसके जीवन में एक नए अध्याय की शुरूआत होती है। जब उसे शारीरिक बदलाव के साथ मानसिक द्वंद का भी समाना करना पड़ता है। ऐसे में मां को ये चाहिए कि वो बेटी की इस उलझन को समझे और इसे सुलझाऐं। इसके लिए आप अपनी आप बीती उससे शेयर कर सकती हैं, कि आपके पहले पीरियड का अनुभव कैसा रहा।
साफ-सफाई का रखें ध्यान
पीरियड में सफाई रखनी सबस जरूरी होती है, ऐसे में बेटी अगर पहली बार पीरियड में है तो ये मां की ही जिम्मेदारी की उसे समझाएं और बताएं कि इस दौरान कैसे सफाई रखनी। क्योंकि पहली बार में उसे ये सब कुछ नहीं आ पाता। इसलिए सैनिटरी नैपकिन के इस्तेमाल से लेकर, उसे बदलने और नीजि सफाई के बारे में आपको ही बेटी को बताना होगा।
दर्द के लिए अपनाए ये घरेलु उपाय
पीरियड्स का दर्द तो वैसे ही असहनीय होता है और अगर ये पहली बार हो रहा है तो तब इसे झेलना और भी पीड़ा दायी हो जाता है। ऐसे में मां से बेहतर बेटी को कौन सम्भाल सकता है, इस समय ये आपकी जिम्मेदारी है कि उसका ध्यान रखें। हां पर इसके लिए पेन किलर का तो बिलकुल भी सहारा ना लें, बल्कि आप घरेलु उपायों का अपना सकती हैं। जैसे उसे गर्म पानी में अवाइन मिलाकर दे सकती हैं, या फिर एक कटोरी दही में थोड़ा भूना हुआ जीरा और थोड़ी सी शक्कर मिला कर दें। इससे निश्चित तौर पर दर्द में थोड़ी राहत मिलेगी।
खान-पान का रखें ख्याल
पीरियड्स के दौरान खान-पान का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है और इसे मां से बेहतर कौन समझ सकता है। अक्सर लड़कियां इस दौरान खाना पीना ही छोड़कर बैठ जाती हैं, जबकि पीरियड्स के दौरान तो शरीर को पोषण की खास जरूरत होती है, क्योंकि इस दौरान शरीर से बहुत सारे खनिज और मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं, ऐसे में उनकी पूर्ति करना जरूरी है, इसके लिए नारियल पानी, जूस जैसे तरल पदार्थों का सेवन करना बेहतर होता है।
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Author: Yashodhara Virodai
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