Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
बैजयंती माला हिन्दी फ़िल्मों का एक ऐसा नाम है जो एक स्तम्भ की तरह है और नीव की तरह भी। आज भी इसी नीव से प्रेरणा लेकर बॉलीवुड में कोई भी एक्टेस कुछ कर गुजरने की प्रतिज्ञा करती है। ये बैजयंती माला ही हिन्दी फ़िल्मों की पहली महिला सुपर स्टार बनीं। हालाँकि फ़िल्मों में इनकी एंट्री काफी मशक्कत भरी और दिलचस्प रही। एक बार बैजयंती माला एक मंच पर भरतनाट्यम कर रही थीं। तभी इन पर एक बहुत बड़े प्रोड्यूसर की नज़र पड़ी। तभी उस प्रोड्यूसर ने यह तय कर लिया कि अब ते यही मेरी हिरोइन बनेगी। ऐसे में बैजयंती माला को फ़िल्मों का रुख करना पड़ना।
आपको बता दें कि बैजयंती माला ने भरतनाट्यम से लेकर कर्नाटक संगीत तक में महज 16 साल की उम्र में ही कमाल करना शुरू कर दिया था। वैजयंती माला का जन्म 13 अगस्त, 1936 को हुआ था। इन्होंने अपने करिअर की शुरुआत तमिल फ़िल्मों से की थी। हालाँकि इन्होंने हिन्दी फ़िल्म बहार और लड़की में भी अभियन कर लिया। लेकिन इन सबके बाद आयी फ़िल्म नागिन। आपको बता दें कि फ़िल्म नागिन के बाद फिर वैजयंती माला ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
दिलचस्प है कि बैजयंती माला ने हिन्दी और तमिल फ़िल्मों के अलावा कन्नड़ फ़िल्मों में भी काम किया है। दिलीप कुमार के साथ फ़िल्म देवदास में बैजयंती माला ने चन्द्रमुखी का ऐतिहासिक रोल प्ले किया था।
Author: Amit Rajpoot
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें Lop Scoop App, वो भी फ़्री में और कमाएँ ढेरों कैश आसानी से है।
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.