Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
विश्व के सात अजूबों में से एक है आगरे का ताजमहल, जिसकी खूबसूरती के चर्च दूर दूर तक है, आज भी भारत आन वाले सैलानी एक बार ताजमहल का दीदार जरूर करते हैं। वैसे ताजमहल की बेइंतहा खूबसूरती के साथ उसके बारे में कई तरह के तथ्य भी देश-दुनिया में प्रचारित हैं। ताजमहल को लेकर अब तक कई तरह की बातें सुनने और जानने को मिलती रही है... जैसे कि ताजमहल बनाने वाले कारीगरों के हांथ शाहजहां ने कटवा दिए थे या फिर ख्वाब में देखकर बना था ताज का नक्शा... ऐसे कई सारी बातें ताजमहल के बारे सुनने को अक्सर आपको मिलती हैं, लेकिन क्या आपको इन तथ्यों की सच्चाई पता है। अगर नहीं तो चलिए आपको ताजमहल से जुड़े मिथ और उनकी असलीयत बताते हैं।
मिथ- शाहजंहा ने ताज महल बनाने वाले 20 हजार कारीगरों के हाथ कटवा दिए
सच्चाई – जी हां, ये सिर्फ सालों से चली आ रही अफवाह है कि शाहजंहा ने ताज महल बनाने वाले 20 हजार कारीगरों के हाथ कटवा दिए। बल्कि असलियत जानने के लिए अगर इतिहास का रूख करें तो वहां दर्ज तथ्यों के मुताबिक, शाहजंहा ने ताजमहल बनाने वाले कारीगरों से आजीवन काम न करने का वादा लिया था और इसके बदले में उन्हें जिंदगी भर पगार दी थी।
मिथ- ख्वाब में देखकर तैयार हुआ था ताज का नक्शा
सच - इतिहास में मौजूद तथ्यों के अनुसार, ताज महल का नक्शा और डिजाइन तैयार करने के लिए पूरी दुनिया के वास्तुकारों से मदद ली गई थी। पर किस व्यक्ति ने इसे डिजाइन किया इसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है, लेकिन ख्वाब के आधार पर इसका नक्शा तैयार करने की बात का भी इतिहास में कोई जिक्र नहीं है।
मिथ- हर पहर में बदल जाता है ताजमहल का रंग
सच्चाई- ताजमहल अपना रंग नहीं बदलता बल्कि, सफेद संगमरमर के कारण जब ताज महल पर सूर्य की किरणे पड़ती है, तो अलग-अलग समय में ये अलग रंग का दिखता है। जैसे कि सुबह के वक्त सुनहरा और शाम को ये गुलाबी दिखाई पड़ता है।
मिथ: ताजमहल के अंदर दफ़्न है मुमताज की ममी
सच्चाई : ऐसा भी सुनने को मिलता है कि ताजमहल के अंदर मुमताज की ममी दफ़्न है । जबकि असलियत ये है कि 17 जून 1631 को बुहरानपुर में मुमताज की मौत हुई और उनका शव तभी बुहारनपुर फिर जब ताज महल का निर्माण शुरू हुआतो उसे ताजमहल के निर्माणाधीन परिसर में दफनाया गया। वहीं 22 साल बाद मुमताज को तीसरी बार, ताज के मुख्य स्मारक में दफनाया गया, वैसे ASI (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया) के पास ममी का कोई सबूत नहीं है।
मिथ- मुमताज की कब्र पर टपकता रहता है पानी
सच्चाई- ताजमहल के बारे में ये भी तथ्य प्रचारित है कि मुमताज और शाहजहां की कब्र पर पानी टपकता रहता है। पर असलियत ये है कि उर्स के दौरान काफी भीड़ होती है। ऐसे में वहां ह्यूमिडिटी बढ़ जाती है, जिससे दीवारों पर पानी की बुँदे आ जाती है, जो कि भीड़ खत्म होते ही गायब हो जाती है।
मिथ- ताज महल शिव मन्दिर है, जिसे एक राजा ने बनवाया था
सच्चाई- ASI के अनुसार, ताजमहल के शिव मंदिर होने का कोई सबूत नहीं है, बल्कि शाहजहां द्वारा ही इसके निर्माण की बातें ही इतिहास के पन्नों में दर्ज है।
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से
Author: Yashodhara Virodai
YOUR REACTION
  • 0
  • 1
  • 0
  • 0
  • 3
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.