Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
क्रिसमस में सिर्फ अब कुछ दिन बचे है, ऐसे में इसके सेलिब्रेशन की तैयारी जोरो पर है। बाजार भी गिफ्ट्स, चॉकलेट्स और क्रिसमस ट्री से सज चुका है। वैसे तो ये क्रिश्चन लोगों को त्योहार है पर अब सभी लोग इस दिन को सेलिब्रेट करने लगे हैं, ऐसे में लोग अपने-अपने घरों में क्रिसमस ट्री तो जरूर सजाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है क्रिसमस के दिन इस क्रिसमस ट्री को क्यों सजाया जाता है। असल में इसके पीछ कई सारी मान्यताएं और तथ्य जुड़े हुए हैं और आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं।
इतिहास पर नजर डालें तो क्रिसमस ट्री का प्रयोग प्राचीन समय से ही मिस्र, चीन, इजराइल में होता रहा है और यूरोपीय देशों बेल्जियम, नार्वे, स्वीडेन में होता रहा है, पहले लोग इसकी टहनियों का इस्तेमाल भूत-प्रेत भगाने के लिए करते थें। मान्यता थी कि इसकी टहनियाँ लगाने से भूत-प्रेत नहीं आते हैं। वहीं क्रिसमस के दिन क्रिसमस ट्री को सजाने की परम्परा जर्मनी से प्रारम्भ हुई और यहीँ से ये 19वीं सदी में ये परम्परा इंगलैण्ड और विश्व के दूसरे देशों में प्रचलन में आ गई।
वहीं चूंकि ये एक सदाबहार पेड़ है, जिसकी पत्तियां किसी भी मौसम में नहीं झड़ती हैं और न ही ये कभी मुरझाती हैं। ऐसे में ट्री क्रिसमस ट्री को लेकर एक मान्यता भी है कि ये सर्दियों में जीने का साहस प्रदान करता है, इसलिए इसके साथ क्रिसमस का जश्न मनान का चलन शुरू हुआ।वहीं इंग्लैंड में लोग बर्थडे, शादी या किसी रिश्तेदार की मृत्यु होने पर उसकी याद में क्रिसमस ट्री को रोपते हैं और इसके साथ कामना करते हैं कि उनकी यादे हमेशा बनी रहें।
वहीं क्रिसमस के बारे में कुछ धार्मिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं, जैसे कि क्रिसमस ट्री की एक कहानी प्रभु यीशु मसीह के जन्म से जुड़ी हुई है, जिसके अनुसार जब यीशु का जन्म हुआ था तो उनके माता-पिता मरियम और जोसफ को बधाई देने स्वर्गदूत आए थे, जिन्होने एक सदाबहार फर को सितारों से रोशन किया था। ऐसे मे तब से ही सदाबहार फर के पेड़ को क्रिसमस ट्री के रूप में सजाने की मान्यता मिली।
वहीं प्राचीन रोम में प्रचलित एक कहानी के अनुसार इस पेड़ की एक शाखा को एक छोटे बच्चे ने भोजन और आवास के बदले कुछ आदिवासियों को दिया था और माना जाता है कि वो शिशु और कोई नहीं बल्कि प्रभु यीशु मसीह थे। ऐसे में तब से क्रिसमस पर घरों में क्रिसमस ट्री लगाकर लोग अच्छे फलों की प्राप्ति की कामना करते हैं।
Author: Yashodhara Virodai
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 1

Add you Response

  • Please add your comment.