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क्रिसमस-डे आज दुनियाभर में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। भारत में भी इसे काफ़ी उल्लास और मस्ती के साथ मनाया जा रहा है। यह एक ईसाई धर्मानुयायियों का बेहद महत्वपूर्ण और प्रमुखता से मनाया जाने वाला त्यौहार है। आपको बता दें कि क्रिसमस-डे को हम प्रभु ईशु के जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं। हर साल 25 दिसम्बर को मनाये जाने वाले इस त्यौहार के एक दिन पहले यानी कि 24 दिसम्बर की रात से ही ख़ूब उल्लास का माहौल होता है और लोग एक-दूसरे को मेरी क्रिसमस बोल-बोलकर बधाइयाँ देना शुरु कर देते हैं। आइए आज आपको क्रिसमस से जुड़ी कुछ अहम बाते बताते हैं।
ग़ौरतलब है कि कुछ लोग यह मानते हैं कि प्रभु ईशू का जन्मदिन 22 अक्टूबर को है। लेकिन फिर ऐसा क्या कारण है कि इसाइयों का यह प्रमुख त्यौहार 25 दिसम्बर को मनाया जाने लगा। इसके पीछे की कहानी आपको बताएँ तो यह बड़ी ही दिलचस्प है।
जी हाँ, आपको बता दें कि रोम में कुछ ग़ैर इसाई लोग 25 दिसम्बर को अजेय सूर्य की आराधना करते थे और इस दिन उत्सव मनाते थे। उनका मानना था, कि इस दिन उनके गोलार्ध में सूर्य अपनी राशि बदलता है यानी कि लोटना शुरु करना है और यह संक्रान्ति का दिन पड़ता है।
इसलिए इसाई पादरियों और धर्मगुरुओं ने भी तय कर लिया कि हम भी इस दिन प्रभु ईशु का जन्मदिन मनाएँगे। तब से प्रभु ईशु का जन्मदिन 22 अक्टूबर की जगह 25 दिसम्बर को मनाया जाने लगा।
Author: Amit Rajpoot
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