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नए साल को आने में महज कुछ दिन बचे हैं, ऐसे में लोग अब न्यू ईयर सेलिब्रेशन के मूड में आ चुके हैं। हर कोई इसके लिए कोई खास प्लान बना रहा है, वैसे हमारे यहां तो केक काटने से लेकर आतिशबाजी और पार्टी का चलन है, लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में नए साल का स्वागत अपने-अपने अंदाज में होता है। जी हां, और आज हम आपको कुछ देशों के ऐसे ही दिलचस्प रिवाजों के बारे में बताने जा रहे हैं।
ब्रिटेन
ब्रिटेन में नए साल का स्वागत मेजबानबाजी के साथ किया जाता है, मान्यता है कि साल का पहला मेहमान घर में सौभाग्य लेकर आता है। लेकिन शर्त ये है कि ये मेहमान पुरुष होना चाहिए और उसे आवश्यक रूप से तोहफा लाना होता है, जैसे कि रसोई घर का कोई सामान या फिर घर के मुखिया के लिए शराब या आग जलाने के लिए कोयला । वहीं मेहमान घर के मेन गेट से प्रवेश करता है और पीछे के दरवाजे से बाहर जाता है।
डेनमार्क
डेनमार्क में नए साल का स्वागत बेहद अजीबो गरीब रस्म के साथ होता है, यहां लोग न्यू ईयर के दिन अपने घर की पुरानी प्लेटों को पड़ोसियों या रिश्तेदारों के घरों के सामने तोड़ते हैं। दरअसल, वहां इसे दोस्ती और आत्मीयता का प्रतीक माना जाता है और मान्यता है कि जिस भी घर के सामने सबसे अधिक प्लेटें टूटूती हैं, वो आपके लिए सबसे अधिक प्रिय होता है।
फिलीपींस
फिलीपींस में लोग नए साल के दिन पोलका डॉट्स यानी गोल बिंदुओ या आकृति वाले कपड़े पहनते हैं और साथ ही गोल आकृति का फल खाते हैं। खासकर इसमें अंगूर को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है और माना जाता है कि इससे सृमद्धि आती है।
प्यूर्टो रिको
पोर्टो रिको उत्तर अमेरिका महाद्वीप का एक राष्ट्र है, जहां नए साल का जश्न दरवाजे या बालकनी से ठंडा पानी फेंकर मनाया जाता है।
जापान
जापान में न्यू ईयर सेलिब्रेशन 29 दिसम्बर से 3 जनवरी तक मनाया जाता है, जिसे याबुरी नाम दिया गया है। वहीं 31 दिस्मबर को रात 12 बजे मंदिरों में 108 बार घटियां बजाई जाती है।
चीन
वैसे कई एशियाई देशों की तरह चीन में रोमन नहीं, बल्कि लूनर ईयर मनाया जाता है लेकिन अगर न्यू लूनर ईयर के सेलिब्रेशन की ही बात की जाए तो यहां न्यू ईयर पर की गई आतिशबाजी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। दरअसल, यहां ये मान्यता है कि हर रसोई में एक देवता होता है, जो नये साल पर उस परिवार के वर्ष भर का लेखा-जोखा ईश्वर के पास पहुंचाता है और फिर वापस उसी परिवार में लौट आता है। इसीलिए उसे विदा करने और फिर उसका स्वागत करने के लिए पुरे सप्ताह आतिशबाजी चलती है। वहीं इस जश्न के मौके पर लाल रंग का खासा तरजीह दी जाती है, यहां लाल रगं के कपड़े पहनने के साथ ही खिड़की दरवाजों को भी इसी रंग से रंगते है।
Author: Yashodhara Virodai
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