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Happy New Year… Happy New Year से पूरा माहौल गुलजार होने वाला है। कल की रात से ही लोगों में नये साल का ख़ुमार सिर चढ़ने वाला है। माहौल इतना सैलाब लायेगा कि कल की रात यानी कि 31 दिसम्बर की रात आसमान आतिशबाज़ियों से जगमगा उठेगा। वास्तव में यह सब इसलिए लोग करते हैं, क्योंकि वो ऐसी कामना करते हैं कि आने वाला साल उनके जीवन में ऐसी ही रोशनी बिखरता हुआ आये। इसके अलावा दुनियाभर में लोग नये साल के स्वागत में जश्न मनाते हैं, क्योंकि वह चाहते है कि वो हँसते और उत्साह से लबरेज रहकर इस नये साल का स्वागत करें।
आपको बता दें कि यूँ तो दुनियाभर में लोग नये साल का स्वागत बेहद ज़ोर-शोर के साथ करते हैं। लेकिन आज भी भारत में एक ख़ासा वर्ग है, जो 1 जनवरी को उतने ख़ास तरीक़े से सेलीब्रेट नहीं करता है। बावजूद इसके एक बहुत बड़ा तबका है, जो नये साल को चीड़-फाड़कर सेलीब्रेट करते हैं।
ग़ौरतलब है कि बेहद उत्साह और जोश के साथ नये साल के स्वागत में जश्न मनाने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ा कारण है, जिसकी वजह से ये लोग 1 जनवरी को सेलीब्रेट करते हैं। जी हाँ, दरअसल, 1 जनवरी को मनाया जाने वाला नया वर्ष ग्रेगोरियन कैलेण्डर (इसकी शुरुआत रोमन कैलेंडर से हुयी थी) के हिसाब से मनाया जाता है, जबकि पवित्र रोमन कैलेण्डर का नया वर्ष 1 मार्च से शुरु होता है।
लेकिन ऐसी मान्यता है कि ईसा पूर्व 46 वर्ष पहले प्रसिद्ध रोमन सम्राट जूलियस सीज़र ने इसमें जुलाई का महीना और अपने भतीजे के नाम पर अगस्त का महीना जोड़ दिया। तब से लेकर दुनियाभर में 2 महीने पीछे खिसककर नया साल 1 जनवरी को सेलीब्रेट किया जाने लगा।
Author: Amit Rajpoot
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