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नशा सिर्फ़ वह नहीं होता है, जिसे हम तम्बाकू या फिर एल्कोहल को किसी न किसी रूप में लेते हैं। वास्तव में नशे का संसार बड़ा व्यापक होता है। यह कई तरह से लोगों में अपनी पैठ बना लेता है। मसलन किसी एक चीज़ के एकदम से पीछे पड़ जाना, किसी चीज़ को एकदम से चाहते चले जाना या फिर किसी पर्टिकुलर चीज़ में हमेशा डूबे ही रहना। जी हाँ, आपको बता दें कि इसी तरह का एक नशा अथवा ख़ुमार यह भी है, कि लोग अपनी रियल पर्सनालिटी खोकर हमेशा ही बॉलीवुड के कैरेक्टर सा बिहैव करते हैं।
ऐसे लोग आपको आपके दफ्तर और पास-पड़ोस हर जगह मिल जायेंगे। मज़े की बात तो यह है कि वास्तव में कुछ लोगों में बॉलीवुड का ख़ुमार चौबीसों घंटे बना रहता है। आपने इन लोगों के कभी दर्शन न किये हों तो हम आज आपको ऑफ़िस में मौजूद बॉलीवुड एडिक्ट्स से मिलवाने जा रहे हैं। आप इन्हें ग़ौर से देखिये और तय कीजिये कि कहीं आपके ऑफ़िस में भी ऐसे बॉलीवुड एडिक्ट्स तो नहीं हैं।
आपको बता दे कि ऐसे लोगों की श्रेणी में सिर्फ़ लड़के ही नहीं होते हैं। जी हाँ, यदि आप ग़ौर करेंगे तो लड़कियाँ भयंकर रूप से बॉलीवुड एडिक्ट होती हैं। वहीं लड़के भी इस मामले में कुछ कम नहीं होते हैं। आपको हर एक मोड़ पर कोई न कोई ‘पू’ मिल जायेगी। पू कभी-ख़ुशी-कभी ग़म फ़िल्म में करीना का निभाया कैरेक्टर है, जो हर हाल में लड़कों का अटेन्शन अपनी और खींचना चाहती है।
इसके अलावा आजकल के लड़कों में साउथ इंडियन फ़िल्मों के हीरोज़ ने भी भयंकर घर कर रखा है, तो वहीं मंटो का क़िरदार हर लड़का अपने भीतर छुपाये बैठा ही है।
देखें VIDEO:
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Author: Amit Rajpoot
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