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हम सभी चाहते हैं कि अपने जीवन में कभी भी बीमार न पड़ें और कभी भी हमें कोई परेशानी न रहे। इसके अलावा यदि हमें कोई बीमारी हो भी तो उससे हमें जल्दी से जल्दी छुटकारा भी मिल जाये और हमारा शरीर हमेशा ही स्वस्थ बना रहे। लेकिन वास्तव में ऐसा होता नहीं है। बावजूद इसके कुछ उपाय अपनाकर हम ऐसा भी कर सकते हैं। जी हाँ, यदि आपको अपने जीवन में कभी भी बीमार नहीं पड़ना है और न ही कभी अस्वस्थ रहना है, तो इसके लिए आप नियमित रूप से प्राणायाम करना होगा। यदि आप चाहते हैं कि आप कभी भी किसी डॉक्टर का मुँह न देखें तो फिर इसके लिए आप हर रोज़ उगते हुये सूरज का मुँह देखिये और प्राणायाम करिए। आपको बता दे कि प्राणायाम करने में भी सिर्फ़ 3 प्राणायाम ही आपके लिए काफी हैं। इसके लिए आपको अधिकतम आधा घंटे लगेंगे।
अनुलोम-विलोम प्राणायामः
अनुलोम-विलोम प्राणायाम को नाड़ी शोधन प्राणायाम भी कहते हैं। इसे करने से हमारे शरीर की जितनी भी नाड़ियाँ या नसें होती हैं वो ख़ुल जाती हैं। जी हाँ, आपको बता दें कि अनुलोम-विलोम प्राणायाम हमारे दिमाग़ के दाहिने और बायें हिस्से के दिमाग़ के बीच संतुलन स्थापित करता है और शरीर को अन्दर से पूरी तरह स्वस्थ कर देता है। इसे करने से आपको दिल का दौरा और मिर्गी कभी नहीं आयेंगे।
कपालभाति प्राणायामः
कपालभाति प्राणायाम नाड़ियों की रुकावटों को खोलता है। ये शरीर के विष हरण के लिए सबसे उपयुक्त होता है। कपालभाति प्राणायाम से पेट के सभी इंटरनल फंक्शन दुरुस्त हो जाते हैं। इसके अलावा पेट संबंधी कई अन्य तरह की कोई भी समस्या कपालभाति प्राणायाम से सही हो जाती हैं।
भस्त्रिका प्राणायामः
वात, पित्त और कफ़ के त्रिदोष को दूर करने के लिए भस्त्रिका प्राणायाम एक रामबाण है। इसे करने से मनुष्य की पाचन शक्ति मज़बूत हो जाती है और नर्वस सिस्टम को दुरुस्त करता है। भस्त्रिका प्राणायाम करने से मनुष्य का फेफड़ा मज़बूत होता है।
Author: Amit Rajpoot
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