Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
आज है भारतीय सेना दिवस, इस दिन को पूरे भारतीय सेना ज़ोर शोर से मनाती है। बता दें कि आज के ही दिन साल 1949 में सेना को पहले भारतीय लेफ्टिनेंट जनरल मिले थे। इससे पहले ब्रिटिश राज के फ्रांसिस बुचर ने सेना की कमान संभाली हुई थी। इसी बात का जशन मनाने के लिए भारतीय सेना मनाती है सेना दिवस। इतना ही नहीं भारतीय सेना ने एक नहीं कई सारे सफल ऑपरेशन किये हैं जिसकी वजह से भारतीय सेना दुनिया में दूसरे नंबर पर सबसे शक्तीशाली सेना कहलाती है। आइये आज आपको सेना के कुछ बड़े और सफल ऑपरेशन के बारे में बताते हैं।
ऑपरेशन विजय
आजादी के तकरीबन 15 साल बाद सन 1962 में पहली बार अंतराष्ट्रीय देश ने भारत पर हमला किया। उस समय भारतीय सेना की स्थिति अत्यंत सुदृढ़ नहीं थी। ऐसे में चीन के हाथों भारत को मात खानी पड़ी। हालांकि, इस हार के बाद भारत सरकार ने रक्षा पंक्ति को इस कदर मजबूत किया कि आज भारतीय सेना विश्व की सबसे शक्तिशाली सेना की श्रेणी में आती है और इसका परिणाम भी बहुत जल्द देखने को मिला। जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान को लगातार दो युद्ध में परास्त किया। सबसे पहले 1965 में पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया। जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान को धूल चटा दिया। इसके बाद 1971 में भारतीय सैनिकों ने मानवता का मिशाल पेश करते हुए अपनी जान पर खेलते हुए बांग्लादेश को पाकिस्तान से आजाद कराया।
ऑपरेशन ब्लू स्टार
वहीं भारतीय सेना ने देश को एकजुट करने की भी पूरी कोशिश की। इसका जीता जागता उदाहरण ऑपरेशन ब्लू स्टार है। जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में अलगाववादियों ने पंजाब के प्रसिद्ध गोल्डन टेंपल पर अपना अधिपत्य जमा लिया। उस समय भी सेना ने देश की एकता और अखंडता को बनाये रखने के लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया और इस ऑपरेशन में न केवल सेना ने निर्दोष और श्रद्धालुओं की जान बचाई बल्कि अलगाववादियों के अंजाम को भी नेस्तनाबूत कर दिया।
ऑपरेशन ब्लैक टोर्नेडो
भारतीय सेना की बहादुरी के कई किस्से है। जिसमें 26/11 भी प्रमुख है। जब पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने मुंबई के मशहूर जगहों को अपने कब्जे में ले लिया था और निर्दोष लोगों की हत्या बेरहमी से कर रहा था। उस समय भी भारतीय सेना ने अपनी बहादुरी का प्रदर्शन करते हुए न केवल निर्दोष लोगों की जान बचाई बल्कि सभी आतंकवादियों को मार गिराया। इस मिशन को ऑपरेशन ब्लैक टोर्नेडो नाम दिया गया।
ऑपरेशन राहत
इसके साथ ही भारतीय सेना ने कई आपदा स्थिति में देश के नागरिकों की जान बचाई। फिर चाहे कश्मीर से लेकर केरल में बाढ़ हो या फिर उत्तराखंड में इंद्र देवता का भीषण कहर हो। हर एक मौके पर भारतीय सैनिकों ने अपनी जान पर खेलकर वतन और वतन के लोगों की रक्षा की है। जिसमें एक ऑपरेशन राहत है। आपको बता दें कि जब 2013 मे उत्तराखंड में भीषण बारिश हुई और इस बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। यहां तक की लोगों की जान पर बन आई । ऐसी विकट स्थिति में भारतीय सेना ने मोर्चा संभाला और न केवल उत्तराखंड के लोगों को बल्कि देश दुनिया से आये हजारों नागरिकों की जान बचाई। उनके इस जज्बे को आज भी दुनिया सलाम करती है। सेना के इस प्रयास को ऑपरेशन राहत नाम दिया गया।
सर्जिकल स्ट्राइक
अगर बात करें भारतीय सेना के हालिया उपलब्धि की तो भारतीय सेना ने पठानकोट हमले के बाद देश के सभी सीमाओं पर इस तरह मुस्तैद हुई कि आतंकियों और उनके आकाओं के दांत खट्टे हो गए। इस दो वर्ष में भारतीय सेना ने घाटी में सबसे आतंकी मार गिराये। जिससे आतंकी के आका बौखला गए और उनको समर्थन देने वाले पाकिस्तानी आर्मी भी चिंतित हो गई। जिसके बाद पाकिस्तान ने एक साजिश रची और इस साजिश के तहत 18 सितंबर 2016 को उरी में हमला किया। इस बर्बरता को पूरी दुनिया ने देखा लेकिन इसके बाबजूद भारतीय सेना का हौसला पस्त नहीं हुआ और भारतीय सेना ने महज दस दिनों बाद ही अपने अंदाज़ में इसका बदला लिया। जब भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर में प्रवेश कर आतंकियों के दर्जनों बंकरों को ध्वस्त कर दिया। भारतीय सेना के इस हमले में कई दर्जन आतंकी मारे गए। इस मिशन को सर्जिकल स्ट्राइक नाम दिया गया। भारतीय सेना की इस असाधारण जज्बे को पूरी दुनिया ने सलाम किया।
Author- Anida Saifi
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से...
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.