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ज़बरदस्त अभिनेता, कमाल के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर बिस्वजीत चटर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल राज्य के कोलकाता शहर में 14 दिसम्बर, 1936 को को हुआ था। महज 13 साल की उम्र में ही बिस्वजीत चटर्जी की माँ ने इनका साथ छोड़ दिया और स्वर्गवासी हो गयीं। इनके पिता की जॉब ट्रान्सफ़रेबल थी, जिहाजा अलग-अलग शहरों में बिस्वजीत चटर्जी का बचपन बीता है। आपको बता दें कि किशोरपन से ही बिस्वजीत चटर्जी का मन अभिनय में इस क़दर रम गया कि इन्होंने बीच में पढ़ाई करने से ही मना कर दिया और अभिनेता बनने की ठान ली। इस बात से इनके पिता ख़ासा नाराज़ हुआ और बिस्वजीत चटर्जी को घर से ही बेदखल कर दिया।
किसी तरह से बिस्वजीत चटर्जी को एक हॉस्टल में रहने-खाने की जगह मिल गयी। वहाँ रहकर इन्होंने थिएटर ग्रुप रंगमहल के साथ जुड़कर काम करने लगे। विश्वजीत का नाम रंगमंच के क्षेत्र में बढ़ रहा था और एक दिन एक डायरेक्टर ने इनके पिता को बुलाया और कहा कि देखिए, आपका बेटा कितना अच्छा काम कर रहा है। ये देखते ही इनके पिता भाव-विभोर हो उठे और बेटे को अपना लिया।
मज़े कि बात यह है कि बिस्वजीत चटर्जी ने थियेटर से फ़िल्मों का जब रुख़ किया तो उस शुरुआती दौर में रोमांटिक सीन करना इनके लिए बड़ा मुश्किल होता था। लेकिन बाद में बिस्वजीत चटर्जी इसके अभ्यस्त हो गये और फिर एक से बढ़कर एक रोमांचिक फ़िल्में दीं। इस बीच उन्होंने रंगमंच से नाता बिल्कुल उसी तरह बनाये रखा।
दिलचस्प है कि एक बार जब बिस्वजीत चटर्जी कोलकाता में अपना नाटक कर रहे थे, तो उसे देखने गुरुदत्त, अबरार अल्वी और गीता दत्त पहुँचे। नाटक के बाद गुरुदत्त को ख़ूब पसंद आये तो उन्होंने बिस्वजीत चटर्जी को फ़िल्म साहिब, बीवी और ग़ुलाम ऑफ़र की, जिसमें इनकी हिरोइन थीं मीना कुमानी और वहीना रहमान। लेकिन गुरुदत्त के 5 साल के अनुबंध की शर्त पर बिस्वजीत चटर्जी ने ये फ़िल्म नहीं की।
Author: Amit Rajpoot
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