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एक तरफ जहां बीता साल शाहरूख, सलमान और आमिर खान जैसे बड़े स्टार्स के लिए कुछ खास नहीं रहा है, वहीं दूसरे कई कलाकारों को नाम, दाम और शोहरत सब कुछ मिला है। इस लिस्ट में राजकुमार राव और आयुष्मान खुराना से लेकर 'मिर्जापुर के कालीन भैया' यानी पकंज त्रिपाठी शामिल है। पकंज त्रिपाठी के लिए तो साल 2018 बेहद शानदार रहा, एक तरफ जहां उन्होने फिल्म स्त्री के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का स्क्रीन अवार्ड जीता तो वहीं दूसरी तरफ अमेजन प्राइम के शो ''मिर्जापुर” में कालीन भैया के किरदार में वो छा गए। आज पंकज त्रिपाठी इंडस्ट्री में एक स्टार का रूतबा रखते हैं, जिनके बारे में फैंस अधिक से अधिक जानने और सुनने की चाह रखते हैं। अगर आप भी पकंज त्रिपाठी के फैन है तो हमारा ये आर्टीकल आपके लिए बेहद खास है, क्योंकि आज हम पंकज की रिएल लाइफ का सबसे दिलचस्प किस्सा आपसे शेयर करने जा रहे हैं।
जी हां, पकंज अपने दमदार अभिनय के जरिए पर्दे पर किरदारों को जितना रोचक बना देते हैं, उतनी ही कहीं रोचक है उनकी असल प्रेमकहानी। दरअसल, किसान परिवार से ताल्लुख रखने वाले पंकज शुरू से ही बड़े प्रगतिशील विचारो वाले रहे हैं, बकौल पकंज उन्होने दसवीं क्लास में ही ये तय कर लिया था कि वो बिना दहेज प्रेम विवाह करेंगें और उनके इस सपने रंग तब भरा जब वो साल 1993 में मृदुला (पंकज की पत्नी) से मिले।
दरअसल, पंकज ने मृदुला को अपनी बहन की शादी में देखा था, जहां मृदुला छत की बालकनी में खड़ी थी। पंकज बताते हैं कि मैंने मृदुला को देखते ही उस वक्त मन ही ठान लिया कि यही वो लड़क है जिसके साथ मैं अपनी ज़िंदगी बिताना चाहता हूं। हालांकि उस वक्त तक पकंज को मृदुला के बारे में कुछ भी नहीं पता था। लेकिन चूंकि मृदुला पंकज के रिश्ते में आती थीं, इसलिए बात आगे बढ़ सकी, लेकिन फिर भी उस दौर में दोनो के बीच डेटिंग वाला सिलसिला नहीं रहा।
क्योंकि उस वक्त मृदुला कोलकाता में रहती थी और पंकज दिल्ली में रह कर पढ़ाई कर रहे थे । ऐसे में दोनो के बीच सम्पर्क का एक ही जरिया था और वो था खत। पंकज और मृदुला लेटर के जरिए एक दूसरे से बाते किया करते थें, हर दस दिनों में एक बार जरूर लेटर आता जाता था। वहीं रात में हास्टल के फोन से पंकज मृदुला से बाते भी किया करते थें। लेकिन ये तो थीं प्यार और मोहब्बत के सुहाने दिनों की बातें, पर इसके बाद दोनो को प्यार के असल परिक्षा से भी गुजरना पड़ा जब शादी के लिए दोनो के घरवाले ने मना किया।
असल में इस शादी में दिक्कत ये थी कि मृदुला उनके बहनोई की बहन थी और ब्राहाण परिवार में ये ऐसा मान्य नहीं था कि पंकज वहां शादी कर सके जहां उनकी बहन की शादी हो चुकी है।
लेकिन परिवार के विरोध के बावजूद पंकज ने हार नहीं मानी और आखिरकार 11 सालों की जद्दोजहद के बाद 2004 में उन्होने मृदुला से शादी रचा ली। आज पंकज और मृदुला की शादी को 15 साल हो चुके हैं और उनकी बेटी भी है।
वैसे पकंज अभिनय क्षेत्र में अपनी सफलता का श्रेय भी अपनी पत्नी और प्रेयसी मृदुला को ही देते हैं, पंकज बताते हैं कि उनके संघर्ष के दिनों में मृदुला ने ही उनका साथ बाखूबी दिया, पंकज जहां एक्टिंग में करियर बनाने में व्यस्त थें, वहीं मृदुला घर की जिम्मेदारी सम्भाल रही थीं। पकंज कहते हैं कि मेरी माने तो मृदुला ने हमारे घर में पुरूष की भूमिका निभाई है। वैसे पंकज भी अपनी पत्नी और परिवार को पूरी प्राथमिकता देते हैं, इंडस्ट्री में स्टार का रूतबा पाने के बाद भी वो अपने परिवार को पूरा समय देते हैं।
Author: Yashodhara Virodai
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