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हिंदू धर्म में ‘गंगाजल’ को सबसे पवित्र जल माना गया है, इसकी पवित्रता का अंदाजा हम इससे लगा सकते हैं कि भारत के हर दूसरे हिंदू परिवार में एक बोतल गंगाजल की जरूर पाई जाती है और घर में पूजा से लेकर हर धर्म कर्म के कार्यक्रम इसका उपयोग किया जाता है। वैसे क्या आप जानते हैं सिर्फ धर्मकर्म ही नहीं, गंगाजल हमारी सेहत के लिए भी बेहद उपयोगी है। जी हां, गगाजल के उपयोग से कई सारी स्वास्थ्य समस्याए दूर होती हैं। दरअसल, हाल ही में हुए एक शोध में ये बात सामने आई है कि पशुओं और इंसानों में होने वाले कई सारे रोग का इलाज गंगाजल के उपयोग से सम्भव है। चलिए आपको इस शोध और इसके तथ्यों के बारे में विस्तार से बताते हैं।
दरअसल, हिसार स्थित राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा गंगाजल पर किए गए हालिया शोध के जरिए ये साबित हुआ है कि गंगाजल के प्रयोग से पशुओं और इंसानों में निमोनिया, दिमागी बुखार जैसी गंभीर बीमारियों के साथ ही शारीरिक घाव, सर्जरी और यूरिनल इंफेक्शन दूर होता है।
असल में, इस शोध में वैज्ञानिकों ने गंगा के जल में निमोनिया, दिमागी बुखार जैसी बीमारी का कारण बनने वाले बनने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करने वाले बैक्टिरियोफाज खोज निकाला है। इस तरह इस शोध के परिणाम के रूप में सामने आया है कि गंगाजल से उपयोग से लगभग 8 से अधिक बीमारियों का इलाज सम्भव है।
वैसे सबसे पहले इसका परीक्षण मेढ़क पर किया गया था जो कि सफल रहा है, वहीं उसके बाद अब इसका परीक्षण गाय, घोड़ो और दूसरे पशुओं पर भी किया जा रहा है। वहीं वैज्ञनिको का कहना है कि आगे चलकर ये बैक्टिरियोफाज फाज इंसानों के लिए भी कारगर साबित होंगे।
Author: Yashodhara Virodai
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