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निगार सुल्ताना एक ऐसी अभिनेत्री हैं, जिन्होंने ब्लैक एण्ड व्हाइट फ़िल्मों का ज़माना बाख़ूबी देखा है और मुग़ल-ए-आज़म जैसी फ़िल्मों का रंगीन दौर भी। निगार सुल्ताना का जन्म आज के तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 21 जून, 1932 को हुआ था। निगार अपने पाँच भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। इनके पिता हैदराबाद के निज़ाम की सेना में मेजर थे। इनकी शुरुआती पढाई-लिखाई स्कूल में हुयी। वहाँ ये कई नाटकों का हिस्सा बनीं। तभी से इनका मन अभिनय में लग गया। आपको बता दें कि निगार सुल्ताना के पिता ने इनकी आगे की पढ़ाई घर पर ही कराई थी। साल 1938 में एक फ़िल्म आयी थी, नाम था- हम, तुम और वो। इस फ़िल्म का 6 साल की निगार पर गहरा असर पड़ा था। तभी से ये फ़िल्मों में आने के सपने संजोने लगीं।
इनके पिता के दोस्त जगदीश शेट्टी मोहन भवनानी के साथ मिलकर एक फ़िल्म बनाने वाले थे और इस फ़िल्म के लिए बतौर हिरोइन चुना गया निगार सुल्ताना को। इसके बाद सन् 1946 की फ़िल्म रंगभूमि में निगार सुल्ताना रुपहले पर्दे पर नज़र आयीं। इसके अलावा राजकपूर की फ़िल्म आग का हिस्सा भी निगार सुल्ताना को मयस्सर हुआ।
निगार सुल्ताना की ख़ास बात यह रही कि आगे चलकर ये हिरोइन की जगह कैरेक्टर प्ले करने लगीं। बतौर हिरोइन इनकी बड़ी फ़िल्मों की बात करें तो साल 1948 में आयी फ़िल्म शिकायत का नाम लिया जा सकता है। उसी दौरान आयी फ़िल्म बेला, जिसे रंजीत प्रोडक्शन ने बनाया था। इस फ़िल्म में भी निगार सुल्ताना बतौर हिरोइन नज़र आयी थीं।
अब समय आ गया था उस फ़िल्म का जिसे बनने में काफ़ी लंबा वक़्त लगा, नाम- मुग़ल-ए-आज़म। इस फ़िल्म में निगार सुल्ताना ने बहार का क़िरदार निभाया था, जो शहजादे सलीम और कनीज़ अनारकली की मोहब्बत में एक काँटा बनकर नज़र आती है। निगार सुल्ताना की फ़िल्मों की फ़ेहरिस्त में तमाम फ़िल्में हैं। इनमें पतंगा, दिल की बस्ती, शीश महल और खेल आदि प्रमुख हैं।
Author: Amit Rajpoot
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