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वेलेंटाइन वीक के साथ ही प्यार का मौसम दस्तक दे चुका है... कैलेंडर में जहां प्यार की तारीखें छप चुकी हैं, वहीं मौसम में भी प्यार की खुमारी सी छा गई है। ऐसे में हर तरफ प्यार की बातें हो रही हैं... वैसे देखा जाए तो समय के साथ ही प्यार के मायने भी काफी कुछ बदल चुकें हैं, जिसे आप कुछ आजकल की फिल्मों से समझ सकते हैं। क्योंकि हमारे यहां कपड़ों और फैशन से लेकर हमारी निजी जिंदगी और सोच पर फिल्मों की ही खुमारी छाई रहती है। ऐसे में आप फिल्मों के सिर्फ टाइटल ही देखकर जान सकते हैं कि कैसे समय के साथ प्यार की परिभाषा बदल चुकी है।
मैने प्यार किया- मैने प्यार क्यों किया
जी हां, साल 1989 में सलमान खान की डेब्यू फिल्म ‘मैने प्यार किया’ ने जहां युवाओं को अपने प्यार को स्वीकार करने की हिम्मत दी थी, तो वहीं साल 2005 में आई सलमान की ही फिल्म ‘मैने प्यार क्यों किया’ में आधुनिक समय में प्यार को लेकर युवाओं की सोच जाहिर थी।
दिल है कि मानता नहीं- दिल मांगे मोर
1991 में आई फिल्म ‘दिल है कि मानता नहीं’ में आमिर खान और पूजा भट्ट जहां एक दूजे के प्यार की खुमारी और दिवानगी में डूबे नजर आए थें, वहीं इसके 13 साल बाद आई फिल्म में शाहिद कपूर का दिल किसी एक लड़की पर टिकता नहीं दिखा और वो बोल बैठे ‘दिल मांगे मोर’।
दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे- हैप्पी भाग जाएगी
हिंदी सिनेमा की बेहतरीन रोमांटिक फिल्मों में से एक फिल्म आई थी साल 1995 में... ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, जिसमें लंदन में एक मुलाकात में काजोल के प्यार में दिल हारने वाले शाहरूख काजोल के लिए सबकुछ कर गुजरने को तैयार हो जाते हैं और आखिर में दोनो का प्यार जीतता है, जब पंजाब आकर शाहरूख काजोल को लेकर जाते हैं। इस फिल्म की रिलीज के बाद सारी लड़कियां शाहरूख जैसा दिलवाले को ढ़ूढंने लगी थी। लेकिन बदलते समय को देखिए कि साल 2016 में आई फिल्म ‘हैप्पी भाग जाएगी’ में लड़की ही लड़के के प्यार में इंडिया से पाकिस्तान पहुंच जाती है।
लव- लव सेक्स और धोखा
1991 में आई सलमान खान की फिल्म लव में जहां प्यार के लिए जीने मरने वाली बात थी, वहीं साल 2010 में आई फिल्म लव सेक्स और धोखा में प्यार के नाम पर सब कुछ था पर प्यार ही नहीं था।
गदर एक प्रेमकथा- टॉयलेट एक प्रेमकथा
साल 2001 में आई फिल्म गदर एक प्रेमकथा में देश के विभाजन की पृष्ठभूमि में एक प्रेमकहानी दिखाई गई थी, वहीं इसके 16 साल बाद आई फिल्म टॉयलेट एक प्रेमकथा में देश में चल रहे हैं स्वच्छता अभियान के तहत शौचालयों की मांग उठाते हुए एक लव स्टोरी रची गई थी। इस तरह ये टाइटल बदलते दौर और प्यार दोनो का सबसे अच्छा उदाहरण हैं।
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Author - Yashodhara Virodai
Design Credits - Vikas kakkar
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