Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
युवाओं के द्वारा मनाया जा रहा यह वेलेंटाइन का उत्सव कोई आम नहीं है। वैसे तो हमारे देश भारत को त्योहारों का देश माना जाता है, क्योंकि यहां सभी लोग मिलकर एक साथ सारे त्योहारों को खुशी से मनाते हैं- जैसे होली, दिवाली, ईद और क्रिसमस इत्यादि। भारत में जितने भी प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं, उन सभी त्योहारों के पीछे कहीं ना कहीं एक सच्ची कहानी होती है, जो इतिहास के पन्नों पर भी लिखी गई होती है और वह सभी त्यौहार सदियों से इसीलिए उसी परंपरा के साथ चले आते हैं, जो कि आज एक रिवाज बन गए हैं। इन्हीं में से एक है वैलेंटाइन-डे।
वेलेंटाइन-डे एक ऐसा त्यौहार है, जिसे खासकर युवा पीढ़ी बहुत ही गुलजार तरीक़े से मनाती है। इसे हम प्यार का दिन भी कहते हैं, जो कि हर साल 14 फरवरी के दिन आता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि वैलेंटाइन-डे हमारे समाज के लिए कितने महत्वपूर्ण रहे है? यदि नहीं, तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि वैलेंटाइन न सिर्फ हमारे समाज के लिए बल्कि समूची मानव सभ्यता के लिए कितने ज़रूरी रहे हैं। ऐसे में हम यह भई समझ सकते हैं कि वेलेंटाइन-डे का पर्व कितना महत्वपूर्ण है।
बात रोमन साम्राज्य की है जब क्लॉडियस वहां का राजा हुआ करता था। यह बात तकरीबन तीसरी शताब्दी की है। क्लॉडियस एक दुष्ट राजा था जिससे कृपालु प्रकृति के संत वेलेंटाइन की मुठभेड़ हो गई। वास्तव में ये मुठभेड़ मोहब्बत को ले करके हुयी, जिसने कम से कम रोम की मानव सभ्यता को बचा लिया। आपको बता दें कि रोम का राजा कलॉडियस यह मानना था कि एक अकेला सिपाही एक शादीशुदा सिपाही के मुकाबले जंग के लिए एक अधिक उचित और प्रभावशाली सिपाही बन सकता है, क्योंकि शादीशुदा सिपाही को हर वक्त बस इसी बात की चिंता लगी रहती है, कि उसके मर जाने के बाद उसके परिवार का क्या होगा और इसी चिंता से जंग में वह अपना पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं।
यही सब सोचकर क्लॉडियस राजा ने ऐलान किया कि उसके राज्य का कोई भी सिपाही शादी नहीं करेगा और किसी ने भी उसके इस आदेश का उल्लंघन किया तो वह उसे कड़ी से कड़ी सजा देगा। इसके लिए सबसे पहले जरूरी था कि किसी भी पुरुष को स्त्री के संपर्क में ही न आने दिया जाए। राजा के सिपाहियों को यह भी पता था कि यह फैसला गलत है, लेकिन किसी ने भी इसका उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई और उनकी इस आज्ञा का पालन करने के लिए सभी सिपाही मजबूर हो गए। लेकिन रोम के महान संत जिनका नाम था वेलेंटाइनस उन्होंने इस नाइंसाफी को बिल्कुल मंजूर नहीं किया।
इसलिए उन्होंने राजा से छुपकर युवा सिपाहियों को युवतियों से जिन्हें कि वह मोहब्बत करते थे, उनसे छुप-छुपकर मिलाने लगे और उनकी शादी करवाने लगे, ताकि उनकी शादी के बाद संसर्ग से उच्चगुणी पुत्र रत्न की प्राप्ति हो, जिससे कि हमारी मानव सभ्यता आगे भी चल सके। वरना अगर रोम इस पागल क्लॉडियस की बात पर पूर्ण भरोसा करता और उसकी आज्ञा का पालन करता तो कहीं न कहीं रोम से तो मानव सभ्यता आज पूरी तरह से समाप्त हो चुकी होती।
आपको बता दें कि संत वेलेंटाइन ने रोम में बहुत से सिपाहियों की गुप्त शादी करवाई, लेकिन सच ज्यादा दिन तक छुप नहीं सकता। हुआ यह कि संत वैलेंटाइन के इस कारनामे की खबर एक दिन राजा क्लॉडियस के कानों में पड़ गई। इसके बाद वैलेंटाइन को राजा ने आदेश का पालन नहीं करने पर मौत की सजा सुना दी और उन्हें जेल के अंदर ताउम्र कैद करवा दिया। जेल के अंदर वैलेंटाइन अपनी मौत की तारीख का इंतजार करते रहे और धीरे-धीरे तिथि एक दिन 14 फरवरी की वह तिथि आयी जब इस महान संत ने दुनिया को अलविदा कह दिया। इस तरह से हम यह कह सकते हैं कि समूची मानवता के लिए संत वेलेंटाइन बेहद जरूरी रहे हैं, वरना आज रोम की सभ्यता समाप्त होती।
Author: Amit Rajpoot
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.