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बड़ा काम करने के लिए इंसान का अमीर या फिर कतूत संपत्ति का मालिक होना ज़रूरी नहीं है। जी हाँ, आपको बता दें कि बड़ा काम करने के लिए दिल का बड़ा होना बहुत ज़रूरी है। अब देखिए न, मुफ्त शिक्षा देकर गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे समाजसेवी महेश सक्सेना कितने अमीर हैं। ख़ुद दो जून की रोटी का जुगाड़ करने वाले महेश सक्सेना गरीब बच्चों को अधिकार दिलाने का प्रयास कर रहे हैं, जिन्हें यह पता ही नहीं है कि क्या करें। वह संस्कार नाम से होशियारपुर, गढ़ी व सरफाबाद में 3 स्कूलों का संचालन कर रहे हैं। यहां हज़ारों गरीब बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। किताबें और ड्रेस समेत सभी साधन उन्हें बिल्कुल ही निशुल्क दिए जा रहे हैं।
नोएडा के सेक्टर-15 में यहां की पहली लाइब्रेरी में हर रोज 300 छात्र किताब पढ़ने आते हैं। यह ऐसे छात्र हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगी किताबें नहीं खरीद सकते हैं। खास बात यह की परीक्षाओं की तैयारी को लेकर शहर के सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस समय-समय पर बच्चों को क्लास देते हैं। यह लाइब्रेरी नोएडा लोक मंच द्वारा संचालित की जाती है।
इसके अलावा शहर में कहीं आग लगने की घटना हो या फिर कोई हादसा महेश सक्सेना हमेशा मदद को तैयार रहते हैं। देश में कहीं भी भूकंप आया हो या बाढ़ की विपदा हो, तब भी महेश तत्पर रहते हैं। नोएडा ग्रेनो शहर में आधुनिक सुविधाओं से लैस अंतिम निवास यानी कि श्मशान घाट भी उन्हीं की संस्था नोएडा लोकमंच संचालित करती है। महेश सक्सेना बताते हैं कि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने का काम किया जा रहा है। किसी गरीब की मदद होगी तो वह भी आगे चलकर बेसहारों का सहारा जरूर बनेंगे। जिनका कोई नहीं होगा उनके लिए हम और हमारी संस्था हमेशा खड़े मिलेंगे।
Author: Amit Rajpoot
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