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कहते हैं बड़ा होने के लिए ओहदा या कद नहीं बल्कि हौसला बड़ा होना चाहिए। ऐसा ही हौसला रखते हैं केरल के मल्लापुरम जिले के नीलांबर से ताल्लुक रखने वाले ऑटो चालक सुशांत। सुशांत बताते हैं कि सब कुछ अभी कुछ ही समय पहले शुरू हुआ। उनके पड़ोसी हरीश एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे। उनकी माली हालत ऐसी नहीं थी कि वह अपना सही ढंग से इलाज करा पाते। इसके बाद सुशांत को कुछ नहीं सोचा और उन्होंने हरीश का वीडियो बनाया और मदद की अपील की। इसी के साथ ही उसे सोशल मीडिया पर उन्होंने पोस्ट कर दिया। सुशांत बताते हैं कि वह अचंभित थे, कि उनकी अपील का लोगों पर ऐसा असर पड़ा की है इसके लिए ₹2,000,00 इकट्ठा होने में देर नहीं लगी।
हरीश की मदद करके सुशांत के दिमाग में इस तरह का काम जारी रखने का विचार पैदा हो गया। पिछले कई वर्षों से वह फेसबुक पर ही अपने आसपास के मुद्दों को लेकर काफी जागरूक रहते हैं। समाज में कुछ गलत होता है तो उनका मुंह अपने आप खुल जाता है। राजनेताओं की किसी नीति की आलोचना करना उनका नियमित अभ्यास है। खास बात यह है कि उनकी आलोचना वाले वीडियो को अब सैकड़ों लोग देखते हैं।
आपको बता दें कि सुशांत के पिता के देहांत के बाद उनके घर की आर्थिक हालत काफी बिगड़ गई थी। उन्हें न सिर्फ पढ़ाई छोड़नी पड़ी, बल्कि कई तरह के समझौते करने पड़े। हालांकि उस वक्त वह 12वीं तक की शिक्षा हासिल कर पाए थे। इसके बाद सुशांत पढ़ भी नहीं सके। आज आजीविका के लिए उन्होंने कई तरह के काम चुन रखे हैं। वह ऑटो चलाते हैं इसके अलावा मजदूरी का काम भी सुशांत करते हैं। कुल मिलाकर ₹500 तक वह हर दिन कमा लेते हैं। इससे घर की जरूरतों के हिसाब से जो कुछ भी बचत कर पाते हैं वह अपनी यात्राओं में खर्च कर देते हैं। सुशांत बताते हैं कि जब मैं किसी नए स्थान पर जा रहा होता हूं तो ज्यादातर समय मेरे पास रहने के लिए कुछ भी पैसा नहीं होता है, इसीलिए मैं बस या रेलवे स्टेशन पर ही सो कर काम चलाता हूं।
Author: Amit Rajpoot
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