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आज हम आपको तिरंगा बेचने वाली एक ऐसी लड़की की कथा बताने जा रहे हैं, जिसने एक व्यक्ति को देश प्रेम का मतलब समझा दिया। जी हां, आपको बता दें कि राजीव एक फैक्ट्री में मैनेजर था उसे बहुत कम छुट्टी मिल पाती थी। इसलिए वह बहुत दिनों से अपने गांव नहीं जा पाता था, जहां उसके माता-पिता रहते थे। गणतंत्र दिवस के दिन चूंकि उसकी छुट्टी थी, इसलिए उसने सोचा कि 25 जनवरी को ऑफिस से थोड़ा पहले निकलकर उसी दिन शाम को गांव चला जाए। काम निपटाकर वह गाड़ी से निकल पड़ा, क्योंकि उसे पत्नी को भी साथ लेना था। पत्नी से उसने पहले ही फोन पर बता दिया था कि तैयार होकर रहे, ताकि शाम में ही गांव के लिए अपनी गाड़ी से निकला जा सके।
जैसे ही राजीव एक चौराहे पर आया उसने देखा कि कुछ बच्चे हाथों में तिरंगा लिए खरीदने की गुहार लगा रहे थे। उसने सोचा कि क्यों ना एक तिरंगा खरीद कर अपनी गाड़ी में लगा लिया जाए। यह सोचकर उसने गाड़ी किनारे लगाई और तिरंगा बेचने वाली एक बच्ची को बुलाकर उससे एक तिरंगा खरीद लिया। फिर वह गाड़ी बढ़ाकर जैसे ही मुख्य सड़क पर आया तो लाल बत्ती हो चुकी थी। इसके बावजूद उसने सोचा कि अपनी गाड़ी आगे निकाल ले, क्योंकि वहां कोई ट्रैफिक पुलिस खड़ी नहीं थी।
जैसे ही वह आगे बढ़ने लगा उसी लड़की ने कहा अंकल जरा रुकिए। राजीव को लगा कि शायद उसने जल्दबाजी में उसे या तो कम पैसे दिए हैं या ज्यादा पैसे दे दिए। गाड़ी रोककर उसने पूछा क्यों क्या बात है? उस लड़की ने कहा, अंकल आप ने तिरंगा क्यों खरीदा? राजीव ने कहा, बस अपने देश से प्यार है इसलिए। लड़की ने कहा, जब देश से प्यार है और उसे दिखाने के लिए आप अपनी गाड़ी में तिरंगा झंडा लगाकर चलते हैं, तो देश के कानून से प्यार क्यों नहीं करते। देखते नहीं, लालबत्ती है। यह दूसरों की ही नहीं, आपकी अपनी सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। उसकी बात सुनकर राजीव हैरान रह गया और उस दिन वास्तव में वह उस तिरंगा बेचने वाली लड़की से जान पाया कि देश प्रेम का असली मतलब क्या है।
Author: Amit Rajpoot
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