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बेशक वतन पर शहीद होना फ़क्र की बात है, पर जवान के परिवार के लिए इस सदमें को झेलना मौत से भी बड़ी सजा है और इस वक्त देश के कई परिवार इस कठीन परिस्थिति से गुजर रहे हैं। ऐसे में राजस्थान के झुंझुनूं से एक बेहद ही मार्मिक खबर आ रही है, जहां गम और खुशी का अजब रंग देखने को मिला है। दरअसल, बीते सोमवार पुलवामा में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए जवान श्योराम गुर्जर का अंतिम संस्कार राजस्थान के उनके पैतृक गांव में किया गया, जहां पूरा गांव उनके जाने के शोक में था, वहीं इसके महज कुछ ही घंटे के भीतर ही उनके घर में किलकारी गूंजी जब उनकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया।
जी हां, ऊपर वाले की लीला कोई नहीं जानता कभी वो गम के ऐसे पहाड़ गिराता है कि लोगों के लिए सम्भलना मुश्किल हो जाता है, तो कभी खुशी के ऐसे पल दिखाता है कि वो जिंदगी गुलजार हो जाती है। लेकिन कोई क्या करे जब ये दोनो ही पले एक साथ आए और शहीद श्योराम गुर्जर के घर भी इस वक्त कुछ ऐसा ही आलम है। सोमवार के दिन आतंकवादियों से मुठभेड में शहीद हुए वीर श्योराम गुर्जर पंचतत्व में आज पंचत्त्व में विलीन हो गए, वहीं उनके घर आज के ही दिन नन्ही परी का आगमन हुआ।
राजस्थान के निवासी शहीद श्योराम का अंतिम संस्कार झुंझुनू जिले खेतड़ी के टीबा गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया, जहां उनके 4 वर्षीय पुत्र ने मुखाग्नि दी। भारी जन सैलाब के बीच, उनकी अंतिम यात्रा में सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और देशभक्ति नारों से आसमान गूंज उठा।
वहीं इस मुश्किल घड़ी में शहीद के शोकाकुल परिवार में थोड़ी खुशी की लहर तब आई, जब इस घर के आंगन में किलकारी गूंजी। दरअसल, आज शहीद की पत्नी को सुबह से ही प्रसव पीड़ा हो रही थी, ऐसे में डॉक्टरों ने घर पर ही डिलीवरी करवाई। ऐसे में उधर शहीद का अंतिम संस्कार समपन्न हुआ उधर घर में उनकी पत्नी सुनीता ने बेटी को जन्म दिया।
Author: Yashodhara Virodai
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