Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
मौजूदा दौर में महिला केंद्रित फिल्मों की मांग खासा बढ़ चुकी है, क्योंकि आज के दर्शक पहले से कहीं अधिक जागरूक हो चुके हैं और उन्हे सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्में पसंद आ रही हैं। वहीं आज से दो दशक पहले 90 के दशक में सिर्फ और सिर्फ कॉमर्शियल फिल्मों का दौर था, जब शुद्ध मसाला फिल्में ही पर्दे पर कमाल करती थीं। लेकिन 90 के दशक में एक फिल्म ऐसी भी आई थी, जो ना सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई बल्कि उसने स्त्री सशक्तिकरण की नई परिभाषा गढ़ी।
दरअसल, हम बात कर रहे हैं 1992 में आई फिल्म ‘बेटा’ की, जिसमें माधुरी दीक्षित और अनिल कपूर की जोड़ी ने पर्दे पर कमाल कर दिया था। बेहतरीन गानों और मारधाड़ से भरपूर ये फिल्म पूरी तरह से कॉमर्शियल थी, पर फिर भी इसकी कहानी ने बड़ा सामाजिक संदेश दिया। फिल्म में माधुरी दीक्षित एक पत्नी और बहु के रूप में बेहद ही दमदार किरदार में नजर आई थीं, जो कि पूरे स्वाभिमान के साथ ससुराल में कदम रखती है और वहां पहुंचकर हो रहे गलत कृत्यों का पुरजोर विरोध करती है। ऐसे में उसके सामने कई बार विषम परिस्थितियां भी आती है, पर वो अपने दृढ़ निश्चय से पीछे नहीं हटती।
इंड्र कुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में माधुरी के सरस्वती नाम का किरदार की, उसकी सौतेली सास( अरूणा इरानी) से टकराव होता है, सास बहु को घर से निकालने के कई षडयंत्र रचती है और बहु सास के हर नापाक इरादों को नाकाम करती है। ऐसे में इस फिल्म की कहानी बेहद ही दिलचस्प है। यही वजह है कि आज के मौजूदा दौर में जब महिला सशक्तिकरण पर आधारित फिल्मों की मांग बढ़ रही है, तो ऐसे में बेटा फिल्म का सीक्वल बनाने की चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। इन दिनों बॉलीवुड में जहां कई तरह के पुरानी फिल्मों के रीमेक बन रहे हैं, वहीं तमाम फिल्म मेकर्स की निगाहें इस फिल्म पर टिकी टिकी हैं।
ऐसे में फिल्म में लीड किरदार निभा चुकी माधुरी दीक्षित खुद भी इसका सीक्वेल बनने से इंकार नहीं कर रही हैं। हाल ही में मीडिया को दिए बयान में माधुरी ने कहा है कि “हां, ‘बेटा’ मेरे करियर के लिए बेहद अहम रही है... इस फिल्म की कहानी उस वक्त दौर में बेहद दमदार थी... फिल्म में सरस्वती के किरदार के जरिए वो सब बयां किया गया था जैसा कि हम इन दिनों महिला सशक्तीकरण को लेकर बात करते हैं... ऐसे में बेटा की कहानी को 30 साल आगे लाकर आज के समय में बखूबी बनाया जा सकता है”।
इसके साथ ही माधुरी आगे कहती हैं कि ‘ हालांकि ये फिल्म सीक्वल बनाने की लिहाज से बेहद उपयुक्त फिल्म है, पर इसका रीमेक किसी हिट फिल्म का सिर्फ सीक्वेल सीक्वेल बनाने के लिए नहीं बनाना चाहिए, बल्कि अगर मेरे पास इसकी सीक्वेल के लिए ऐसी कहानी आए जो आज के दौर के हिसाब से हो और साथ ही सरस्वती के किरदार में समय अंतराल को बखूबी पर्दे पर पेश किया जा सके, तो बेशक इसकी सीक्वेल बनाई जानी चाहिए ।’
हालांकि देखने वाली बात ये होगी कि 27 साल पहले आई इस दमदार और यादगार फिल्म में लीड रोल में कौन सी एक्ट्रेस होगी। क्योंकि आज भी लोगों के ज़ेहन में माधुरी दीक्षित द्वारा निभाया गया सरस्वती का किरदार ताजा है।
Author: Yashodhara Virodai
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.