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वेलेंटाइन डे के मौके पर रिलीज हुई रणवीर सिंह की फिल्म ‘गली ब्वॉय’ ने इसकी पंच लाइन ‘अपना टाइम आएगा’ के साथ ही ये साफ कर दिया है कि अब फिल्म इंडस्ट्री में नाम नहीं काम बोल रहा है। फिल्म रणवीर की हालिया रिलीज फिल्म ‘गली ब्वॉय’ जहां एक हफ्ते में 100 करोड़ पार करने के करीब पहुंच चुकी है, वहीं पिछले साल रिलीज हुई उनकी फिल्म सिंबा भी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी।
वैसे सिर्फ रणवीर ही नहीं राजकुमार राव, कार्तिक आर्यन और आयुष्मान खुराना जैसे कलाकारों भी इस वक्त अपने शानदार अभिनय के दम पर फैंस को लुभा पाने में सफल साबित हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ सलमान, आमिर या शाहरूख का जादू अब खत्म होने को है। जैसा कि बीते साल तीनो खान की बहुचर्चित फ़िल्मों रेस 3, ठग्स ऑफ हिंदोस्तान और जीरो को बॉक्स ऑफिस पर मुंह की खानी पड़ी है।
ऐसे में अगर बॉक्स ऑफिस का पिछला रिकॉर्ड देखें तो यहीं कहेगें कि जहां रणवीर सिंह और राजकुमार राव और आयुष्मान खुराना का टाइम इंडस्ट्री में आ चुका है, वहीं तीना खान का टाइम नहीं रहा! वैसे इसके पीछे कई वाजिब वजहें भी हैं जिसके कारण तीनो खान का जादू खत्म होता दिख रहा है। आज हम ऐसी ही कुछ वजहों और फिल्म इंडस्ट्री के मौजूदा दौर की विश्लेषण आपके सामने रखने जा रहे हैँ।
स्टारडम नहीं अच्छी कहानी के दम पर चल रही हैं फिल्में
जी हां, पहले जहां फिल्में सितारों के नाम से चलती थीं, वहीं अब स्टार वैल्यू नहीं बल्कि कलाकारों की एक्टिंग और अच्छी कहानियों की डिमांड है। बात चाहें पिछले साल आई फिल्म बधाई हो, स्त्री, अंधाधुन की कर लें या फिर इस साल आई उरी और गली ब्वॉय की। सिनेमा घरों तक दर्शको को ला पाने में वहीं फिल्में सफल रहीं जिनकी कहानी में दम और नयापन था। वहीं सलमान खान की रेस 3, आमिर की ठग्स ऑफ हिंदोस्तान और शाहरूख की जीरो बॉक्स ऑफिस पर अच्छे कंटेन्ट के अभाव में मार खा गईं।
रिएलिस्टिक फिल्मों के दौर में पिछड़ चुकी हैं खान की तिकडी
एक समय था जब फिल्मों में कल्पना से परें की भव्यता दिखाई जाती थी... विदेशी लोकेशन, आलिशान बगंले और फैशनेबल कास्ट्यूमस से सजी फिल्में देख हम सभी बड़े हुए हैं, जहां हीरो-हीरोइन वो सब कुछ करने को समर्थ जो कि एक आदमी सपने में भी नहीं सोच पाता है। फिल्मों ने बियॉन्ड दी इमैजिनेशन ऐसे खूबसूरत संसार को रच आम आदमी की दुनिया में जगह पाई। सलमान, आमिर और शाहरुख खान इसी दौर के हीरो हैं जिन्होने पर्दे पर रोमांस का समां बाँध लोगों के दिलों में जगह पाई। पर अब समय बदल चुका है... आज कॉमर्शियल नहीं रिएलिस्टिक फिल्मों का दौर है, जहां दर्शकों को रिएलिस्टिक कहानियां पसंद आती है। जबकि अभी भी सलमान, आमिर और शाहरुख खान अपने सुपरस्टार के ईमेज में बंधे हुए हैं। या तो वो दर्शको का मिजाज समझ नहीं पा रहे या फिर इसे समझने की कोशिश ही नहीं करना चाहते।
हीरो वो है जिससे दर्शको कनेक्ट हो सके
जी हां, अब वो वाला जमाना नहीं रहा जब पर्दे पर हीरो को करिश्माई रूप में देखकर दर्शक रोमांचित हो उछते थें और बल्कि उन्हें अब वो हीरो चाहिए जो उनके जैसा हो। जैसे कि फिल्म बधाई हो में आयुष्मान खुराना के किरदार की करें या फिल्म हालिया रिलीज फिल्म गली ब्वॉय में रणवीर के किरदार मुराद की। फिल्म गली ब्वॉय एक निम्नवर्गीय परिवार के एक युवक के संघर्ष और उम्मीदों की कहानी है, जिससे दर्शक खासा पसंद कर रहे हैं।
Author: Yashodhara Virodai
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