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एक्यूपंक्चर का एक शॉर्ट टर्म कोर्स कर इसकी वजह से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है। एक्यूपंक्चर के जरिये रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम करने में मदद लिया जा सकता है, जैसे कि अधिक पसीना, मूड स्विंग, नींद में गड़बड़ी जैसी परेशानियों से निजात पाई जा सकती है।
डेनमार्क में कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार रजोनिवृति के मध्यम से लेकर गंभीर लक्षणों से जूझ रही महिलाओं के बीच त्वचा और बालों की समस्याओं भी मुख्य थी। बीएमजे ओपन एक्यूपंक्चर पत्रिका में प्रकाशित जर्नल उन महिलाओं के लिए को विकल्प देता है जो हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का उपयोग नहीं कर सकते हैं या नहीं करना चाहते हैं। बता दें कि रजोनिवृत्ति के लक्षण तकरीबन सभी महिलाओं में समान होते हैं।
रजोनिवृति के वक्त हॉट फ्लश सबसे आम लक्षणों में से एक है और ये कई वर्षों तक जारी रह सकता है। साथ ही कई महिलाओं में अधिक पसीना आना, नींद की गड़बड़ी, थकान, मस्तिष्क और जोड़ों में दर्द, आदि कॉमन लक्षण होते हैं। हालांकि महिलाएं हार्मोनल और दूसरी दवाओं से अपना इलाज कर सकती हैं, लेकिन इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स भी होते हैं।
इस शोध ने क्लियर कर दिया है कि इस स्थिति से उबरने के लिए एक्यूपंक्चर काफी हद तक सहायक हो सकती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक हर हफ्ते कुल छह सप्ताह तक एक्यूपंक्चर विधि का सहारा लेना चाहिए। इसकी अवधि 15 मिनट की होती है और यह शरीर के नौ प्वाइंट्स पर जारी किया जाता है। निष्कर्ष बताते हैं कि सही तरीके से प्रशिक्षित पेशेवरों द्वारा एक्यूपंक्चर का एक संक्षिप्त कोर्स डॉक्टरों और रोगियों दोनों के लिए उचित होता है।
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