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सिगरेट के धुएं का छल्ला उड़ाना किशोर को पसंद होता है, व्यस्क होने तक यह आदत बन जाती है और उसके तीन से चार साल बाद यह तल का रूप ले लेता है। हालांकि सबको मालूम है कि सिगरेट के धुएं में कई ऐसे यौगिक होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। लेकिन शायद कई लोगों को यह नहीं मालूम है कि अगर कोई एक दिन में 20 से अधिक संख्या में सिगरेट का सेवन करता है तो वो अंधेपन का शिकार हो जाता है।
रटगर्स यूनिवर्सिटी के अध्ययन में बताया गया है कि पुराने तंबाकू के धूम्रपान से कलर ब्लाइंडनेस की भी समस्या हो सकती है। इसी संबंधित साइकियाट्री रिसर्च पत्रिका में प्रकाशित निष्कर्षों ने धूम्रपान करने वालों को चेतावनी दी है कि अधिक धूम्रपान दृष्टि में उपस्थित लाल-हरे और नीले-पीले रंग पर प्रभाव डालता है। इस वजह से यह पता चलता है कि सिगरेट में न्यूरोटॉक्सिक रसायन होता है और इसके सेवन से दृष्टि हानि यानि अंधापन तक भी हो सकता है।
रटगर्स बिहेवियरल हेल्थ केयर के स्टीवन सिल्वरस्टीन ने कहा, "हमारे निष्कर्ष सिगरेट के अत्यधिक उपयोग या उनके यौगिकों के क्रोनिक एक्सपोज़र को दर्शाते हैं। यह दृष्टि क्षमता को प्रभावित करते हैं।" इतना ही नहीं सिगरेट के धुएं में कई ऐसे यौगिक होते हैं जो हानिकारक होते हैं। यह मस्तिष्क की परतों की मोटाई को कम करते हैं।”
यह अध्ययन 71 उनलोगों पर किया गया, जिन्होंने अपने पूरे जीवन में रोजाना 15 सिगरेट से कम पीते थे। साथ ही 63 ऐसे लोगों पर भी अध्ययन किया गया जो एक दिन में 20 से अधिक सिगरेट का सेवन करते थे। इन सभी प्रतिभागियों की उम्र 25 से 45 साल की थी। इस अध्ययन के निष्कर्षों में पाया गया कि 20 से अधिक सिगरेट पीने वालों में लाल-हरे और नीले-पीले रंग की दृष्टि परिवर्तन दिखाई दिये।
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