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भारत और चीन जैसे एशियाई देश जहां बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण पाने के लिए हर सम्भव कोशिश में लगे हुए हैं, वहीं यूरोप में स्थित ठीक इसके विपरित हैं। वहां के अधिकांश देश आबादी के संकट से गुजर रहे हैं, जैसे कि इस वक्त हंगरी में घटनी आबादी की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में वहां की सरकार इससे निपटने के लिए नागरिको को लुभावने प्रस्ताव दे रही है। इसी कड़ी में हंगरी की सरकार ने देश की आबादी बढ़ाने के लिए अनोखे सात सूत्रीय फैमिली प्रोटेक्शन ऐक्शन प्लान की घोषणा की है, जिसके तहत चार या उससे अधिक बच्चे पैदा करने वाली महिलाओं को आजीवन इनकम टैक्स नहीं देना होगा।
दरअसल, इस वक्त हंगरी में महिलाओं की औसत प्रजनन दर महज 1.45 है जो कि औसत ईयू के औसत 1.58 से भी कम है। वहीं वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार हंगरी की आबादी प्रति वर्ष 32 हजार की दर से घट रही है। ऐसे में हंगरी के प्रधानमंत्री चाहते हैं कि चाहते हैं कि देश की जनसंख्या बढ़ाने के लिए प्रवासियों पर नहीं बल्कि नागरिकों का निर्भरता बढ़ें। इसलिए हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने अपने देश की आबादी बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं, जिसके तहत में लोगों को शादी के साथ ही परिवार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विक्टर के अपने भी पांच बच्चे हैं।
सरकार द्वारा के नए सात सूत्रीय फैमिली प्रोटेक्शन ऐक्शन प्लान में चार बच्चों वाले दम्पति को आजीवन आयकर से मुक्ति के साथ ही 36,000 डॉलर तक का लोन बिना ब्याज के दिया जाने की योजना है। इसके साथ ही ऐसे दम्पति को सेवेन सीटर कार खरीदने में सब्सिडी भी दी जाएगी।
वहीं इस ऐक्शन प्लान के तहत दो बच्चों वाले परिवारों को भी घर खरीदने के लिए लोन की सुविधा दी जाएगी। साथ ही 40 से कम उम्र की महिलाओं को शादी के बाद लोन मुहैया किया जाएगा। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए बच्चों की जिम्मेदारी संभालने सहयोग के उद्देश्य से देश में 21,000 क्रैच खोले जाने की भी घोषणा की गई है।
Author: Yashodhara Virodai
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