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छः दिनों में छः देशों को जंग में नेस्तानाबूत करने वाला देश कोई और नहीं, बल्कि मिडिल-ईस्ट में स्थित दुनिया का एक बेहद छोटा देश इज़राइल है। आपको बता दें कि इज़राइल दुनिया का एक मात्र यहूदी देश है। यह भौगोलिक रूप से इतना छोटा है कि अमेरिका के कैलिफोर्निया कैंटन में कई सारे इज़राइल समा जायें। इतना ही नहीं, इज़राइल की जनसंख्या भी इतनी कम है कि प्रयागराज के कुंभ मेले में संगम में मौनी अमावस्या के दिन सहज दो घंटे में हम 2-3 इज़राइल जैसे देशों को नहला दें। लेकिन इसके बावजूद इज़राइल दुनिया का 8वाँ सबसे शक्तिशाली देश है।
ग़ौरतलब है कि इज़राइल तकनीकी और स्टार्ट-अप के मामले में दुनियाभर को पछाड़कर सबसे आगे निकल गया है। इसके अलावा यह छोटी आबादी के बावजूद बेहद ताक़तवर देश है। दुनिया का कोई भी देश इज़राइल पर हमला करने की कभी सोच ही नहीं सकता है। अगर इज़राइल का कोई शत्रु इस हर हमला करता है तो इज़राइल उस देश के घर में घुसकर इसका बदला लेने की ताक़त रखता है। दिलचस्प है कि दुनिया ने इज़राइल के इन कारनामों को देखा भी है।
इज़राइल के इन कारनामों के पीछे इनकी ख़ुफ़िया एजेन्सी मोसाद है। जी हाँ, मोसाद के कारण ही इज़राइल आज दुनिया का सबसे सुरक्षित देश है। आपको बता दें कि मोसाद एक बेहद ख़तरनाक एजेन्सी है, जिससे पूरी दुनिया ख़ौफ़ खाती है।
साल 1972 की बात है, म्यूनिख ओलंपिक के दौरान फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने इनके 11 खिलाड़ियों की हत्या कर दी थी। हत्या के दो दिनों के बाद ही इज़राइल ने फिलिस्तीन के 2000 आतंकियों को उनके देश में घुसकर मार गिराया था। ऐसे ही साल 1976 में युगांडा के अंदर वहाँ के आतंकवादियों ने 54 इज़राइली नागरिकों को बंधक बना लिया था। इज़राइल ने बिना कुछ कहे रातो-रात अपने सभी नागरिकों को युगांडा जाकर छुड़ा लाया था।
जून वॉरः
जून वॉर में इज़राइल ने एक साथ छः देशों से लोहा लिया था और छः दिनों के भीतर सभी को युद्ध में धूल चलाकर विजय हासिल की थी। जून वॉर जून, 1967 में इज़राइल-मिस्र सीमा पर हुये युद्ध को कहते हैं। इसमें इज़राइल के ख़िलाफ़ मिस्र ने जॉर्डन के साथ मिलकर एक समझौता किया था। उन दिनों इज़राइल के चारो ओर फैले इस्लामिक देशों ने इसे घेर लिया था। इनमें इन दोनों देशों के अलावा इराक़, कुवैत, सीरिया और सऊदी अरब मुख्य रूप से शामिल हुये थे। इनके अलावा सूडान और अल्ज़ीरिया भी इज़राइल के ख़िलाफ़ थे।
इस घेरेबंदी से इज़राइल बिल्कुल नहीं घबराया और ख़ुद पर अटैक होने से पहले 5 जून, 1976 को मिस्र में हमला करके मिस्र के करीब 4000 फाइटर जेट्स को ज़मीन पर ही मार गिराया था। इससे सारे दुश्मन देश घबरा गये और ये युद्ध छः देशओं के भीतर ही ख़त्म हो गया। इसमें इज़राइल ने ग़ाज़ा को जीत लिया था।
Author: Amit Rajpoot
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