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नोएडा उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर ज़िले का एक हिस्सा है। यह एक इंडस्ट्रियल एरिया है, लिहाजा देश-दुनिया की बहुत सारी प्राइवेट कंपनियाँ, सहकारी समितियाँ और अनेक निगम यहाँ पर मौजूद हैं। इसके चलते नोएडा में रोज़ाना लाखों लोग ई-रिक्शा के सहारे अपने घरों और किराये के मकानों से निकलकर अपने काम करने के स्थानों को कूच करते हैं। इस क्रम में इन्हें आधे घण्टे से पौन घंटे के बीच इन्हीं ई-रिक्शों का सहारा लेना पड़ता है। नोएडा में ही अपना ई-रिक्शा चला रहे एक एक ई-रिक्शा चालक की मानें तो यहाँ नोएडा में तक़रीबन लगभग 20,000 ई-रिक्शा चलते हैं, जिनका रज़िस्ट्रेशन है। उसने एक और बात बड़ी रोचक बताई। चालक ने बताया कि इन पंजीकृत 20,000 रिक्शों के अलावा भी कई हज़ार ई-रिक्शे नोयडा की सड़कों पर फर्राटा भरते हैं।
बहरहाल, आज हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि नोएडा में ई-रिक्शा के सहारे अपने दफ़्तर पहुँचने वाले कर्मचारियों को किस-किस तरह के रिक्शा चालकों से दो-चार होना पड़ता है। इसमें हम आपको ई-रिक्शा चालकों की उन विविधताओं को भी बताने जा रहे हैं, जिससे इन पर यात्रा करने वाले लोग इन्हें नोटिस कर जाते हैं। जी हाँ, इनमें रिक्शा चालकों के नेचर, उनके बिहैवियर, सवारी बुलाने के तरीक़े और रिक्शा चलाने के उनके तरीक़े जैसी चीज़ें शामिल हैं। आइए नोएडा के इन ई-रिक्शा चालकों की विविधताओं के बारे में आपको बताते हैं।
कुछ भी न बोलने वालेः
नोएडा में कुछ ई-रिक्शा वाले ऐसे होते हैं, जिन्हें आप चाहे दस बार पूछो कि भइया सेक्टर-5 जाओगे... गोल चक्कर जाओगे, ये चालक अपने मुँह से कुछ भी नहीं बोलते। जी हाँ, ये चालक सिर्फ अपना सिर हिलाकर ही काम चलाते हैं।
ज़रूरत से ज़्यादा चिल्लाने वालेः
नोएडा में जहाँ शांति से भरे ई-रिक्शा चालक हैं, तो वहीं कुछ ऐसे भी ई-रिक्शा चालक हैं, जो ज़रूरत से ज़्यादा ही चिल्लाते हैं। जी हाँ, ये इतने मज़ेदार होते हैं कि ख़ाली और सूनसान सड़क पर भी कई बार सवारी बैठाने के लिए “आओ, GIP, अट्टा, गोल चक्कर..” चिल्लाते रहते हैं। मानों आसमान से कोई सवारी कूदकर इनकी गोद में आ बैठेगा।
शौकीन चालकः
शौकीन चालकों की तो भाई कमी ही नहीं है। आपको बता दें कि नोएडा में एक से बढ़कर एक शौकीन ई-रिक्शा चालक हैं। किसी की जुल्फें समाँ बाँधती हैं , तो कोई अपने रिक्शे पर भयानक तेज़ आवाज़ में नब्बे के दशक का गाना चलाकर समाँ बाँधे रहता है। हालाँकि वह बात अलग है कि इससे न सिर्फ़ उस रिक्शे पर बैठी सवारियों को दिक्कत होती है, बल्कि आसपास के रिक्शों के लोग भी इससे ख़ासा चिड़चिड़े हो जाते हैं।
महिला चालकः
नोएडा की सड़कों पर नारी के सशक्त होने का प्रमाण आपको कुछेक महिला चालकों के रूप में देखने को मिल जायेगा। ये महिला चालक पुरुषों के बराबर एफर्ट लगाकर सवारियों को बटोरती हैं और जी-तोड़ मेहनत करती हैं।
Author: Amit Rajpoot
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