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इस साल हम 108वां अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बैलेंस फॉर बेटर के थीम के साथ मना रहे हैं। जाहिर समाज में समानता तभी आएगी जब महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिले... हर क्षेत्र में उन्हें पुरूषों के समान अवसर मिलें। देश की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बेहद जरुरी है। विभिन्न देशों के महापुरूषों ने भी देश की तरक्की के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी बताई है। महिला दिवस के खास मौके पर हम कुछ महापुरूषों के ऐसे ही विचारों से आपको रूबरू कराने जा रहे हैं।
पुरूष अपना भाग्य नियंत्रित नहीं करते, उसके जीवन में मौजूद औरतें अपने गुणों से उसके लिए भाग्य का निर्माण करती हैं। कार्ल मार्क्स
मैं देखता हूं जब मर्द औरत से प्यार करता है, वो अपनी जिन्दगी का बहुत छोटा हिस्सा देता है, पर जब औरत प्यार करती है वो सब कुछ दे देती है। – ऑस्कर वाइल्ड
कोई भी मुल्क यश के शिखर पर तब तक नहीं पहुंच सकता जब तक उसकी महिलाएं कंधे से कन्धा मिला कर ना चलें। – मोहम्मद अली जिन्ना
आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं, आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं, आप एक औरत को शिक्षित करते हैं, आप एक पीढ़ी को शिक्षित करते हैं। -ब्रिघम यंग
मैं किसी समुदाय की प्रगति महिलाओं ने जो प्रगति हासिल की है उससे मापता हूं। – बी. आर. अम्बेडकर
महिलाए समाज की सच्ची शिल्पकार होती हैं। - चेर
जितना कोई भीड़ क सदी में कर सकती है, उतना कुछ सच्ची, ईमानदार और ऊर्जावान महिलाएं उसके मुकाबले एक वर्ष में कर सकती हैं। - स्वामी विवेकानन्द
Author: Yashodhara Virodai
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