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यह नीलगिरि में थेप्पक्कडू शिविर में फिलहाल जंबों पार्टी का समय है। जंबो यहां 48-दिवसीय वार्षिक अवकाश पर हैं। यह इस साल का वो वक्त है जानवरों को लंबे और कठिन मंदिर से दूर रखा जाता है। इसमें हाथी की सवारी और हाथी दस्ते को भी रखा गया है। अब इन पूरे 48 दिनों में ये जंबो इत्मीनान से स्नान और पौष्टिक आहार के साथ आराम से मजे करेंगे। यह जंबो पार्टी तमिलनाडु के वन विभाग, मंदिरों और निजी दलों के स्वामित्व वाले हाथियों के लिए मुदुमलाई टाइगर रिजर्व में थेप्पाकुडु में आयोजित किया जा रहा है।
निजी पार्टियों और मंदिरों से संबंधित हाथियों के लिए शिविर वर्तमान में कोयंबटूर के पास मेट्टुपालयम में भवानी सागर नदी का तट है। जहां वन विभाग के द्वारा जंबो के लिए उनकी सीमा के भीतर विभिन्न स्थानों पर व्यवस्था की गई है। यहां सुबह में सभी जंबो मोयार नदी के बर्फीले पानी में 'चिल' कर सकते हैं।
यह नदी भवानी की सहायक नदियों में से एक है ताकि वे भरपूर मजा ले सकें और शाम को इत्मीनान से स्नान के लिए एक अच्छा समय समर्पित कर सकें। सुबह स्नान के बाद जंबो को उनके वजन के अनुसार आयुर्वेदिक दवाएं दी जाती हैं। प्रत्येक टस्कर के लिए भोजन और दवाएं उसके शरीर के वजन के आधार पर तय की जाती हैं।
इन हाथियों को खाने के लिए अनाज, दालें, मकई के डंठल, गुड़, फल, गन्ना दिया जाएगा। साथ ही वार्षिक चिकित्सका के रूप में उन्हें विटामिन की गोलियां दी जाती हैं। ये उपचार रक्त के नमूने के मापदंडों की जांच करने के बाद शुरू होता है।
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