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खरमास आज से लागू हो गया है और यह एक महीने तक रहेगा। खरमास में कई तरह के शुभ कार्यों समेत शादी-व्याह नहीं होते हैं। आपको बता दें कि प्रत्येक सौर वर्ष में एक सौर मास खर मास कहलाता है। इस एक महीने में किसी भी तरह के शुभ कार्य जैसे कि पूरे एक महीने तक ब्याह, सगाई ग्रह प्रवेश जैसे कार्य नहीं करने चाहिए। इसके अलावा नई चीज़ें जैसे कि नया घर और नई कार वगैरह भी नहीं ख़रीदना चाहिए। खरमान के समय किसी से किसी भी तरह का वाद-विवाद भी नहीं करना चाहिए। इसके अलाव आपको इस महीने अपने गुरुओं का और बड़े-बुज़ुर्गों का आदर और सम्मान आदि करना चाहिए।
बहरहाल, आपको बता दें कि आज 15 मार्च से सूर्य गोचर होकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, इसी के चलते यह शुभ नहीं माना जाता है, जिसे खरमास कहते हैं। यह अप्रैल के मध्य तक रहेगा और तब तक शादी और ब्याह आदि में ब्रेक लगा रहे, जिसके चलते न आपको बैंड की आवाज़ सुनाई देगी, न कहीं बाजा बजेगा और न ही कहीं किसी की बारात ही नज़र आयेगी। इसके बाद खरमास के समाप्ति के बाद जब नव संवत्सर यानी कि हिन्दुओं का नया वर्ष प्रारम्भ होगा, तभी से शुभ कार्य होने प्रारम्भ हो जायेंगे।
इसके बाद 12 जुलाई से देवताओं के शयन के चलते विवाह आदि शुभ कार्य रुक जायेंगे। 8 नवम्बर को देवताओं के जागने के बाद फिर से शादी-ब्याह शुरू हो जायेंगे। हालांकि इस बार नव संवत्सर में क़रीब 112 वैवाहिक लग्न मिल रही हैं। चूँकि इस बार शुक्र और गुरु के अस्त होने का संयोग भी उन्हीं समयावधियों में हो रहा है, जिस समय देवता ,ए होंगे या फिर खरमास चल रहा होगा। ऐसे में विवाह के लिए काफी लंबे समय बाद नव हिन्दू संवत्सर में 112 शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं। इनमें भी सबसे अधिक मुहूर्त जून, 2019 और फ़रवरी, 2020 में 19-19 मुहूर्त होंगे।
Author: Amit Rajpoot
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