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होली का त्यौहार मार्च की याद दिलाता है और मार्च का महीना बसंत का। इसी बसंत के अलसाए मौसम में फगुनहटी बहार के साथ लोग रंग उड़ाते हैं और एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं। ऐसे में होली का त्यौहार ज़रा शबाबी हो जाता है। लेकिन वास्तव में होली का असली ख़ुमार चढ़ाने के लिए जो सबसे ज़रूरी चीज़ होती है, वह है होली में ठंडई की तासीर। जी हाँ, होली में ठंडई का बड़ा महत्व है और बिना ठंडई के होली का मज़ा बेकार है। आपको बता दें कि ठंडई बनाने के लिए भांग का उपयोग किया जाता है। इसमें बादाम, चिरौंजी, पिस्ता, दूध, गुलाब की पत्तियाँ और हल्दी आदि को मिलाया जाता है। इसके बाद जो दमदार और बेहतरीन ठंडई बनकर तैयार होती है उसकी बात ही निराली है।
यद्यपि कुछ लोग भांग के अधिक सेवन से बिलबिला उठते हैं, जिसे देखकर ज़्यादातर लोगों के दिमाग़ में भंग को लेकर ग़लत धारणा बनी हुयी है। हालाँकि भांग बड़े काम की चीज़ है। जी हाँ, होली में भांग पीने वालों को कई तरह के फ़ायदे मिलते हैं। इसलिए यदि यह सही मात्रा में पी जाये तो आपके लिए किसी दवा के कम नहीं नहीं है।
आपको बता दें कि भांग काफी अच्छा ऐंटासिड है और आप इसे संतुलित मात्रा में लें तो यह आपके डाइजेशन की समस्याओं को दूर कर सकता है। अगर रोजाना खाने के पहले इसको लिया जाए तो भांग से आपका खाना अच्छी तरह डाइजेस्ट हो सकता है। इसके अलावा आप यक़ीन करें या न करें, लेकिन भांग अपके वजन को कम करता है। शोध से पता चला है कि रोज़ाना भांग खाने से लोग पतले होते हैं। इसकी वजह यह है कि भांग का पौधा इंसुलिन के प्रॉडक्शन को नियंत्रित करता है और कैलोरी इनटेक लेवल को मैनेज करता है।
दिलचस्प है कि भांग काफी अच्छा एंटासिड भी होता है। आप इसे सही मात्रा में लें तो इससे आपकी पाचन शक्ति काफी मज़बूत हो जाती है। यह सुनने भी ज़रा अजीब लग सकता है, लेकिन भांग में कुछ ऐसे पदार्थ पाए जाते हैं, जिससे दिमाग़ की सक्रियता बढ़ जाती है। शोध से पता चला है कि डिप्रेशन दूर होता है।
Author: Amit Rajpoot
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