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मनीषा कोईराला को उनके चाहने वाले ईलू-ईलू कहकर पुकारते हैं, क्योंकि इन्होंने अपनी बॉलीवुड में एण्ट्री कुछ इसी अंदाज़ के साथ की थी। जी हाँ, आपको बता दें कि बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री मनीषा कोईराला नेपाली की वादियों से निकलकर बॉलीवुड के समुन्दर में अपना मकाम स्थापित किया। इनका जन्म 16 अगस्त, 1970 को नेपाल के काठमाण्डू में हुआ था। लंबे समय से हिन्दी फ़िल्मों का हिस्सा बनी मनीषा कोईराला आज भी नेपाली नागरिक है। इनके पिता का नाम प्रकाश कोईराला है और माँ का नाम सुषमा है। ग़ौरतलब है कि मनीषा कोईराला नेपाल के दूसरे प्रधानमंत्री रहे बिश्वेश्वर प्रसाद कोईराला यानी बीपी कोइराला की पोती हैं।
आपको बता दे कि मनीषा कोईराला का भारत से शुरू से ही नाता रहा। इन्होंने अपनी दसवीं तक की पढ़ाई-लिखाई बनारस में की और फिर इसके बाद ये आर्मी स्कूल धौला कुआँ चली गयीं। वैसे तो ये डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन एक छोटे से मॉडलिंग असाइनमेंट ने इन्हें हिरोइन बना दिया। ये बाद कम लोग जानते हैं कि मनीषा कोईराला फ़िल्म की तालीम के लिए न्यूयॉर्क जा चुकी हैं और इनके भाई सिद्धार्थ कोईराला भी हिन्दी फ़िल्मों से जुड़े हुए है।
बहरहाल, अब मनीषा कोईराला फिल्मों का हिस्सा बनने लगी थीं। इनकी पहली हिन्दी मूवी सुभाष घई की मल्टी स्टारर फ़िल्म सौदागर रही। इसमें इनके सामने राजकुमार और दिलीप कुमार जैसे दिग्गज कलाकार रहे। इससे पहले इन्होंने कुछ नेपाली फ़िल्में भी की थीं, जिसमें इनकी पहली नेपाली फ़िल्म थी- फेरि भेटौंला। फेरि भेटौंला का हिन्दी में मतलब होता है- हम मिलेंगे दोबारा।
विधु विनोद चोपड़ा की फ़िल्म 1942: एक प्रेम कथा को भला कौन भूल सकता है, इसमें मनीषा कोईराला ने शानदार अभिनय किया था। इसके अलावा मनीषा कोईराला की फ़िल्म बॉम्बे ने तो इतिहास ही रच दिया।
इस फ़िल्म के तमिल वर्जन के लिए इन्हें बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड से नवाज़ा गया था। इसके बाद मनीषा कोईराला का सिक्का जमने लगा और फिर आगे चलकर ये अपने ज़माने की सशक्त अभिनेत्री बन गयीं।
Author: Amit Rajpoot
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