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हमारी लाइफस्टाइल कितनी बदल चुकी है। आज के दौर में लोगों को घर का खाना अच्छा नहीं लगता है। बल्कि बाजारों में मिलने वाले फास्ट फूड को लोग बहुत पसंद करते हैं। लेकिन फास्ट फूड हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। लाइफ़स्टाइल में परिवर्तन के कारण हमें स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्हीं में से एक है डायबिटीज । डायबिटीज की समस्या तब होती है, जब किसी व्यक्ति के ब्लड में शुगर की मात्रा अधिक हो जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है, बल्कि हाइपोग्लाइसीमिया भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
जब किसी व्यक्ति के ब्लड में ग्लूकोज या शक्कर की मात्रा 50 मिलीग्राम से कम हो जाती है, तो उसे हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं। हाइपोग्लाइसीमिया में व्यक्ति के ब्लड में शुगर की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है। इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति को डायबिटीज से भी ज्यादा परेशानियां होती है। हाइपोग्लाइसीमिया डायबिटीज से कई गुना खतरनाक है। हाइपोग्लाइसीमिय कभी-कभी जानलेवा हो सकता है।
हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण
हाइपोग्लाइसीमिया ऐसी बीमारी है, जिसके लक्षण आसानी से पता चल जाते हैं। हाइपोग्लाइसीमिया के कुछ लक्षण निम्न है -सामान्य से अधिक भूख लगना। बिना कोई गतिविधि किए शरीर का हिलना। अस्थिरता महसूस करना। शरीर में सुस्ती आना। सामान्य से अधिक शरीर से पसीना निकलना। ज्यादा चिंता महसूस करना। शरीर में कमजोरी आना।
हाइपोग्लाइसीमिया के कारण
एपिनेफ्रीन का संवेदनशील होना
एपिनेफ्रीन प्रकार का हार्मोन है। थकान के वक्त शरीर से जो ऊर्जा निकलती है, उसी से ही येहार्मोन रिलीज होता है।
ग्लूकागन के बनने में कमी
ग्लूकागन भी एक प्रकार का हार्मोन है। इससे इंसुलिन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा इसी हार्मोन से बढ़ती है।
गैस्ट्रिक सर्जरी
हाइपोग्लाइसीमिया का मुख्य कारण गैस्ट्रिक सर्जरी है। इससे पाचन तंत्र की मदद से खाना जल्दी पच जाता है। इसके अलावा शरीर में एंजाइम की कमी होने से भी हाइपोग्लाइसीमिया हो जाती है।
हाइपोग्लाइसीमिया का उपचार
आहार एक ऐसी चीज है, जिससे बड़ी से बड़ी बीमारी ठीक हो जाती है। अगर आप भी हाइपोग्लाइसीमिया बीमारी को खत्म करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए नियमों का पालन करें। दिन में दो या तीन बार भोजन करने की बजाय थोड़ा-थोड़ा करके 6 बार भोजन करें। 3 से 4 घंटे के अंतर से भोजन करना लाभदायक सिद्ध होता है। ज्यादा से ज्यादा स्नेक और प्रोटीन युक्त आहार लें। किसी भी वक्त का खाना ना छोड़े। मन ना करे तो हल्का खाना जरूर खाएं। धूम्रपान और नशे के आदी व्यक्ति को अपनी इस आदत को छोड़ देना चाहिए। कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। कोल्ड ड्रिंक, बिस्किट, केक, चॉकलेट जैसी चीजों से दूर रहे जो ब्लड में शुगर की मात्रा को कम करते हैं।
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