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मीटिंग का सीधा मतलब है कि किसी कार्य विशेष के लिए कई जनों का ख़ास प्रायोजन हेतु एक साथ बैटकर उस विषय विशेष पर चर्चा करना। ऐसे में मीटिंग में बैठे हर एक साथी का मीटिंग में इनवॉल्व होना बेहद ज़रूरी होता है। लेकिन अक्सर जब हमारी मीटिंग का समय होता है तो अलबत्ता हमें फोन कॉल्स आने शुरू हो जाते हैं, जो हमारी मीटिंग में अवरोद पैदा करते हैं। बावजूद इसके कुछ काम ऐसे आन पड़ते हैं कि चलती मीटिंग में भी हमें आने वाले फोन कॉल को रिस्पॉन्स करना होता है। यदि कभी आपके साथ बी ऐसी सिचुएशन आ जाये तो जनिए कि आपको क्या करना चाहिए।
कॉल पिक करके सुनेः
टेक्स्ट से काम चलाएः
भरी मीटिंग में कॉल आने पर सबसे अच्छा तरीक़ा है कि आप फोन को कट करके उसे टेक्स्ट मैसेज में लिखें कि आप मीटिंग में हैं। इसके बाद आप उससे ऐसे ही कम शब्दों में चैटिंग करके अपनी बात रखें और उसे रिस्पॉण्ड करें।
वॉशरूम के बहाने निकलेः
मीटिंग के बीच में फोन आने पर आप उसे पहले तो उसे इग्नोर करें और चाहें तो आप ऊपर बताये गये तरीक़ों को आज़मा लें। लेकिन फिर भी यदि आपको लंबा ब्रीफ़ करना है और इसके लिए आपको स्पेस चाहिए तो मीटिंग का माहौल देखकर किसी भी बहाने मसलन टॉयलेट या दस्त आदि किसी बहाने से वॉशरूम के लिए निकल जायें। वहाँ आपको बातचीत के लिए मीटिंग से बेहतर कंफ़र्ट मिल जाएगा।
फोन करें साइलेंटः
जब हमारी मीटिंग का समय होता है तो अलबत्ता हमें फोन आने शुरू हो जाते हैं, लेकिन द्यान रखें कि मीटिंग का डेकोरम मेंटेन करके लिए आप फोन न ही पिक करें तो सबसे अच्छा होगा। इसके लिए आप अपना फोन साइलेंट में रखकर ही मीटिंग में जायें।
Author: Amit Rajpoot
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