Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
संजय मिश्रा भारतीय सिनेमा का एक ऐसा नाम है, जिसमें बेहद छोटी सी शुरुआत करके अपना फ़िल्मी सफ़र शुरू किया और बेपरवाह होकर निकले इस शख़्स को को देर में ही सही, लेकिन जब मंज़िल मिली तो ये सीधे चोटी पर जा पहुँचे। जी हाँ, आपको बता दें कि हिन्दी सिनेमा के इस बॉलीवुड एक्टर की दास्तान कुछ ऐसी ही है, जिनका नाम है संजय मिश्रा। संजय मिश्रा का जन्म साल 1963 में बिहार के दरभंगा में हुआ था। ये एक ऐसी फेमली से ताल्लुक रखते हैं, जिनके घर में ज़्यादातर लोग सरकारी मुलाज़िम रहे हैं। संजय मिश्रा के पिता सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में काम करते थे तो इनके दादा जी ज़िला अधिकारी थे।
ग़ौरतलब है कि ऐसे सरकारी मुलाज़िमों के घर में संजय मिश्रा जैसे इंसान के हो जाने का कारण यह था कि इनके पिता की संगीत और साहित्य में ख़ासा दिलचस्पी रही है, जिसका असर इन पर हुआ। आपको बता दें कि इनकी दादी भी पटना आकाशवाणी में अपने गाने के कार्यक्रम पेश किया करती थी। इस तरह से संजय मिश्रा को घर में कलाकार होने का एक माहौल मिल गया था।
दिलचस्प ये भी है कि जहाँ एक तरफ संजय मिश्रा का परिवार विशुद्ध पढ़ा-लिखा था वहीं ये पढ़ाई-लिखाई में एकदम भोसर थे। हाईस्कूल के इम्तिहान में ये दो मरतबा फेल भी हुये। बहरहाल, जब संजय मिश्रा महज 9 साल के थे तो इनके परिवार बनारस शिफ्ट हो गया। बनारस आते ही संजय मिश्रा में बदलाव देखने को मिला। ये बीएचयू के केन्द्रीय विद्यालय में पढ़े और फिर नेसनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में दाख़िला लेने दिल्ली चले आये।
दिल्ली से एक्टिंग में प्रशिक्षित होकर संजय मिश्रा साल 1991 में मुम्बई पहुँचे। 1991 से लेकर 1999 तक संजय मिश्रा ने एक्टिंग की हर फ़ील्ड में काम किया। इसमें एड फ़िल्में, टेलीविज़न और सिनेमा के छोटेमोटे रोल सभी शामिल रहे। आपको बता दें कि संजय मिश्रा ने इस दौरान एक्टिंग के अलावा फोटोग्राफी, कैमरा वर्क, लाइटिंग और आर्ट डायरेक्शन में भी काम किया।
संजय मिश्रा की ज़िन्दगी में नया मोड़ आया। ये काफी बीमार हो गये। इनके पेट से तक़रीबन 15 किलो पीप और पश निकला। इलाज कराकर ये अपने घर लौटे तो इन्हें पता चला कि इनके पिता चल बसे हैं। ये ख़बर सुनकर संजय मिश्रा एकदम से टूट गये और इसेक बाद ये ऋषिकेश चले गये। ऋषिकेश में संजय मिश्रा ने एक होटल में काम किया, जहाँ ये आमलेट बनाते और झूठे गिलास और बर्तन धोते।
संजय मिश्रा के जीवन ने एक बार फिर से करवट ली और जाने-माने डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने इन्हें एक बार फिर से वापस मुम्बई लौटने को कहा। संजय मिश्रा ने वही किया और रोहित रोट्टी की कई फ़िल्मों में काम किया। संजय मिश्रा का हर क़िरदार पर्दे पर असर छोड़ रहा था। इसलिए इन्हें फ़िल्मी मिलती गईं और फिर वो दिन आया जब रजत कपूर की फ़िल्म आँखों देखी का संजय मिश्रा हिस्सा बने। इन्हें इस फ़िल्म में लीड रोल दिया गया, जिसे संजय मिश्रा ने ऐसा निभाया कि इन्हें फ़िल्म फ़ेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड फ़ॉर बेस्ट एक्टर से नवाज़ा गया। इसके बाद से संजय मिश्रा किसी भी परिचय के मोहताज नहीं रहे।
Author: Amit Rajpoot
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें Lop Scoop App, वो भी फ़्री में और कमाएँ ढेरों कैश आसानी से!
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.