Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
मुग़ल दरबार एवं उनके हरम की गुटबंदी वैसे तो अकबर के समय से ही मुग़ल सल्तनत में दख़ल देती आयी है। अकबर के बाद जहाँगीर के समय में यह गुटबंदी और भी ज़्यादा बढ़ गयी थी, जब अय्याश शहजादा शाहजहाँ अपने हरम को लालक़िले में ले आया तो लालक़िले की रंगीनियों ने हरम की औरतों को और भी ज़्यादा उन्मुक्त कर दिया। चूँकि हुमायुँ के समय में ही मुग़ल शहजादियों के विवाह करने की परंपरा समाप्त कर दी गयी थी। लिहाजा मुग़ल शहजादियाँ लालक़िले की मज़बूत दीवारों के बीच बने हरम में छिप-छिप कर आया-जाया करती थीं और अपने-अपने ढंग से वे लालक़िले की राजनीतिक बिसातें बिछाकर ख़ुद को इनमें व्यस्त रखती थीं।
इसके कारण शाहजहाँ के काल में मुग़लिया दरबार और उसका हरम राजनिता और षड़यंत्र का बड़ा अखाड़ा बन गया था। सत्ता और शक्ति की लूट-खसोट के कारण बादशाह के अतिरिक्त किसी और को सल्तन की दुर्दशा की चिन्ता नहीं थी। सभी अपनी स्वार्थ सिद्दि में लगे रहते थे। अमीर शहजादे और बेग़में अपने-अपने गुट को मज़बूत करने के लिए एक-दूसरे के विरुद्ध षड़यंत्र करते थे और एक-दूसरे के ख़िलाफ़ जाकर बादशाह के कान भरते थे। यहाँ तक कि विरोधी गुट पर ये लोग सशस्त्र आक्रमण तक कर देते थे। इसका परिणाम यह हुआ कि सल्तनत की शक्ति का असली आधार खिसकने लगा।
इसके कारण शाहजहाँ के काल में मुग़लिया दरबार और उसका हरम राजनिता और षड़यंत्र का बड़ा अखाड़ा बन गया था। सत्ता और शक्ति की लूट-खसोट के कारण बादशाह के अतिरिक्त किसी और को सल्तन की दुर्दशा की चिन्ता नहीं थी। सभी अपनी स्वार्थ सिद्दि में लगे रहते थे। अमीर शहजादे और बेग़में अपने-अपने गुट को मज़बूत करने के लिए एक-दूसरे के विरुद्ध षड़यंत्र करते थे और एक-दूसरे के ख़िलाफ़ जाकर बादशाह के कान भरते थे। यहाँ तक कि विरोधी गुट पर ये लोग सशस्त्र आक्रमण तक कर देते थे। इसका परिणाम यह हुआ कि सल्तनत की शक्ति का असली आधार खिसकने लगा।
काम-वासना के दलदल में अत्यधिक डूबे रहने के कारण शाहजहाँ जब 1657 में बीमार पड़ा तो उसके मृत्यु की अफ़वाहें उड़ने लगी थीं। ये अफ़वाह उड़ाने वाले कोई और नहीं, बल्कि हरम की बेग़म, शहजादियाँ, नौकर तथा हरम में नियुक्त हिजड़े उड़ाया करते थे, ताकि तख़्त-ए-ताऊस पर उनकी पसंद का सुल्तान गद्दी सँभाल ले।
Author: Amit Rajpoot
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें Lop Scoop App, वो भी फ़्री में और कमाएँ ढेरों कैश आसानी से!
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.