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अकबर को कुछ लोग अकबर महान कहते हैं तो वहीं कुछ लोग इस मुग़ल शासक को हैवान की नज़र से देखते हैं। लेकिन यदि हन अकबर के समय के इतिहासकार अहमद यादगार की लेखनी को टटोलकर देखते हैं, तो हमें यह प्रमाण मिलता है कि अकबर एक निहायत ही घटिया और शैतान क़िस्म का शासक था। वह लिखते हैं कि महज 14 बरस की ही उम्र में अकबर ने युद्ध में बुरी तरह निहत्थे और घायल हिन्दू राजा हेमू का सिर अपनी तलवार से काटकर उसे धड़ से अलग कर दिया और अपनों के बीच काफिरों का क़ातिल होने का गौरव पाया। वास्तव में अकबर ने 14 बरस की उम्र में ही जो कर डाला था वह दिल दहला देने वाला था।
अकबर के ऐसे ही समकालीन इतिहासकारों और साक्ष्यो को देखें तो यह बात बी सामने आती है कि अकबरजितना क्रूर था, इतना ही अय्याश राजा भी था। कहते हैं कि नये साल की पहली शाम को दिल्ली के मीना बाज़ार में लगने वाले मेले में अकबर औरतों के लिबास में घूमा करते था। चूँकि इससे पहले अकबर बीती रात पहले अपने दरबारियों को उनकी पत्नियों को सज-धजकर वहाँ जाने का आदेश देता था। मीना बाज़ार में जो औरत अकबर को पसंद आ जाती थी, उसे उसके शक्तिशाली सिपाही उठाकर अक़बर के हरम में पटक देते थे, जिसके साथ फिर रात को अकबर अपनी काम पिपासा को शान्त किया करता था।
अपनी अय्याशी के लिए अकबर ने इस्लाम का भी दुरुपयोग किया था। कहते हैं कि सुन्नी फिरके के अनुसार कोई भी पुरुष चार से अधिक औरतें नहीं रख सकता था, लेकिन अकबर ने एक न सुनी। ऐसे में काजी से उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना और काजी को पदच्युत करके शिया काजी रख लिया। इसके बाद अबुल फ़ज़ल प्रमाण देते हैं कि अकबर के हरम में 5000 से ज़्यादा औरतें थीं।
Author: Amit Rajpoot
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