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आज यानी 22 अप्रैल को दुनिया भर में अर्थ डे मनाया जा रहा है, ऐसे में आज देश-दुनिया में आयोजित तमाम कार्यक्रमों में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की बाते की जा रही हैं। लेकिन अफसोस की बात ये है कि ऐसी बाते सिर्फ कार्यक्रमों तक ही सीमित है, जिसका नतीजा है कि आज प्रदूषण की समस्या दिन पर दिन विकराल होती जा रही है। खासकर वायु प्रदूषण दुनिया के सामने बड़ी समस्या के रूप में सामने आई है। वायु प्रदूषण जहां सेहत के लिए हानिकारक है, वहीं एक हालिया शोध की माने तो ये मानव सामाज के लिए भी घातक है। दरअसल, शोध की माने तो प्रदूषण दुनिया में बढ़ते अपराध की वजह की एक बड़ी वजह है।
दरअसल, न्यू यॉर्क के कोलंबिया बिजनेस स्कूल में हुए इस शोध में ये दावा किया गया है कि प्रदूषित वातावरण में रहने से व्यक्ति के अदंर अपराधिक प्रवृत्ति जन्म लेती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि प्रदूषित हवा में सांस लेने से व्यक्ति के अंदर बैचेनी पैदा होती है, जो उसके व्यवहार में बदलाव लाता हैं... और आगे चलकर इसका नतीजा अपराध के रूप में देखने को मिलता है।
इस बारे में शोधकर्ताओं का दावा है कि आमतौर पर जिन जगहों में वायु प्रदूषण अधिक होता है, उन्ही जगहों पर क्राइम रेट भी बढ़ता है। दरअसल, इस शोध के जरिए में वैज्ञानिको ने वायु प्रदूषण और मानवीय अपराध की प्रवृत्ति के बीच संबंधों का अध्ययन किया, जिसके नतीजों के रूप में ये सामने आया कि जिन जगहों पर वायु प्रदूषण का स्तर काफी अधिक होता है, वहां अपराध का स्तर भी दूसरी जगहों के मुकाबले अधिक होता है।
इस अध्ध्यन के मुख्य शोधकर्ता डॉ. जैक्सन लु ने बताया के अनुसार, ‘वायु में मौजूद प्रदूषित तत्व सेहत और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ ही लोगों के व्यवहार को भी प्रभावित करते हैं, क्योंकि वायु प्रदूषण और लोगों के आक्रामक व्यवहार में गहरा संबंध है'।
Author: Yashodhara Virodai
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