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समाचार पत्र हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का कितना अहम और जरूरी हिस्सा है ये बताने की जरूरत नहीं है। आज के इस हाई एन्ड टेक्नोलॉजी वाले युग में भी समाचार पत्र की जरूरत और उपयोगिता कम नहीं हुई है। समाचार पत्रों का उद्देश्य सूचना के साथ-साथ शिक्षा और मनोरंजन प्रदान कराना भी होता है।आज के युग में सैकड़ों भाषाओं में लाखों समाचार पत्र मौजूद हैं पर क्या आपको पता है कि हिंदुस्तान में बॉम्बे से छपने वाला पहला अंग्रेजी अखबार कौन सा था और उसका क्या इतिहास है, तो चलिए आज हम आपको बताते है उस पहले अंग्रेजी अखबार का इतिहास।
वैसे तो हिंदुस्तान में अखबारों का इतिहास आजादी से बहुत पहले का है। लेकिन बॉम्बे में 26 अप्रैल 1841 को पहली बार अंग्रेजी समाचार पत्र बॉम्बे गैजेट को प्रकाशित किया गया था। इस समाचार पत्र की खास बात यह थी कि इसे कागज पर नहीं बल्कि रेशम के कपड़े पर प्रकाशित किया गया था। इसकी कुछ प्रतियां आपको अभी भी ब्रिटिश लाइब्रेरी में देखने को मिल जाएंगी।
बॉम्बे से प्रकाशित होने वाला यह पहला अंग्रेजी समाचार पत्र था। बॉम्बे गैजेट की स्थापना 1789 में बॉम्बे हेरॉल्ड के नाम से हुई थी, लेकिन साल 1791 में इसका नाम बदलकर बॉम्बे गैजेट रख दिया गया।
यह लंबे समय तक बॉम्बे शहर का प्रमुख समाचार पत्र बना रहा और इसने साल 1885 में हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले सत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को भी कवर किया। इस अखबार का प्रकाशन 1900 के दशक की शुरुआत तक जारी रहा। बॉम्बे गजट के मालिकों और संपादकों में ब्रिटिश पत्रकार और राजनेता जेम्स मैकेंज़ी, मैकलीन, एडोल्फस पोप (1821), फेयर (1826), फ्रांसिस वार्डन (1827), आरएक्स मर्फी (1833), ग्राटन गीरी (1890) सर फ्रैंक बीमेन और गैलियम (1840) आदि शामिल रहे।
साल 1911 में सर फ़िरोजशाह मेहता और बेंजामिन हॉरमैन ने एक अन्य समाचार पत्र द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के प्रभाव को कम करने के लिए बॉम्बे गजट को खरीदने का प्रयास किया था। लेकिन डॉयरेक्टर सर फ्रैंक बामन ने उनके इस प्रयास को सफल नहीं होने दिया था और कंपनी ने फ़िरोजशाह मेहता के ऑफर को ठुकरा दिया। जिसके बाद फ़िरोजशाह मेहता ने साल 1913 में एक अलग अखबार ‘द बॉम्बे क्रॉनिकल’ की स्थापना की।
बॉम्बे गजट एक साप्ताहिक समाचार पत्र के रूप में शुरू हुआ था और हर बुधवार को प्रकाशित होता था। 40 वर्षों बाद इसे सप्ताह में दो बार प्रकाशित किया जाने लगा। इस समाचार पत्र में विशेष रूप से स्थानीय समाचार प्रकाशित होते थे जोकि ज्यादातर ब्रिटिश निवासी और अमीर भारतीयों के विज्ञापन और भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार से संबंधित होते थे।
Author: Yashodhara Virodai
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