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मर्ई के मौसम के साथ गर्मी का मौसम भी अपने शबाब पर है, पारा दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में इसकी मार सेहत पर भी पड़ रही है, यही वजह कि इन दिनों हीट स्ट्रोक की वजह से अस्पतालों में भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इसलिए अगर गर्मी के मौसम में आपको सेहतमंद रहना है, तो हीट स्ट्रोक से बचाव करना जरूरी है और अगर आप इससे पीड़ित हो चुके हैं तो फिर आपको खास देख-रेख की जरूरत है। आज हम आपको हीट स्ट्रोक के कारण, इसके लक्षण, इससे बचाव के उपाय और इसके ट्रीटमेंट के बारे में बताने जा रहे हैं।
हीट स्ट्रोक की वजह
भीषण गर्मी के चलते, देर तक धूप मे रहने से, तरल पदार्थों का सेवन ना करना, अत्यधिक शारीरिक गतिविधियों की वजह से हीट स्ट्रोक हो सकता है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
इसमें आपको शरीर में कमजोरी महसूस, सिरदर्द, चक्कर आना, उबकाई आना, अत्यधिक पसीना और बेहोशी के लक्षण दिखते हैं।
हीट स्ट्रोक के उपचार
इससे पीड़ित व्यक्ति को सबसे पहले संभव हो तो स्नान कराएं और अगर ऐसा सम्भव नहीं है तो सिर पर गीली पट्टी रखें या फिर गीली बेडशीट में लपेंटें। इससे शरीर का तापमान तुरंत कम होगा।
फिर उसे हाइड्रेटेड करने के लिए पानी और दूसरे तरल पदार्थ जैसे जूस और नारियल पानी दें। असल में इस अवस्था में शरीर का रक्त गाढ़ा हो जाता है। इसलिए पानी और तरल पेय का सेवन जरूरी है।
कच्चे आम का रस के सेवन भी हीट स्ट्रोक के प्रभाव को काफी हद तक कम करता है। असल में, कच्चे आम का गुदा शरीर में इलेक्ट्रोलाईट को बेहतर करने में काफी मददगार होता है। इसलिए हीट स्ट्रोक होने पर पीड़ित व्यक्ति को कच्चे आम का पन्ना देना चाहिए।
हीट स्ट्रोक से बचाव
कहते हैं उपचार से कहीं बेहतर होता है बचाव, ये बात यहां भी लागू होती है। आपको गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक से बचने के लिए कुछ सतर्रकता बरतनी बेहद जरूरी है। जैसे कि इन दिनो सुबह 10 बजे के बाद से शाम 6 बजे तक घर से निकलने से बचे और अगर किसी कारणवश निकलना हो तो सिर ढ़क कर और छाता लेकर ही निकलें।
Author: Yashodhara Virodai
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