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देश में 7वीं लोकसभा का चुनाव अपने अंतिम दौर पर है, 19 मई को इसके आखिरी चरण का मतदान है। अंतिम चरण के लिए 8 राज्‍यों की 59 लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाने हैं और अंतिम चरण के इस चुनावी समर में कई सारे दिग्गज मैदान में हैं। इसमें बॉलीवुड स्टार सनी देओल भी भाजपा के टिकट से पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में बेटे के लिए धर्मेंद्र भी प्रचार करने के लिए मैदान में उतर चुके हैं, लेकिन प्रचार के दौरान धर्मेंद्र ने एक दिलचस्प बयान दे डाला है। असल में धर्मेंद्र ने कहा है कि, अगर गुरदासपुर में सनी के प्रतिद्वंदी का मुझे पता होता तो, मै उसे चुनाव लड़ने ही नहीं देता। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले धर्मेंद्र का ये बयान सियासी गलियारों की सुर्खियां बना रहा है। चलिए आपको ये बताते हैं कि आखिर धर्मेंद्र को ऐसा क्यों कहना पड़ा?
दरअसल, गुरदासपुर में सनी देओल के खिलाफ कांग्रेस के उम्मीदवार और बलराम जाखड़ के बेटे सुनील जाखड़ उम्मीदवार हैं और बलराम जाखड़ से धमेंद्र के पुराने सम्बंध हैं। ऐसे में गुरदासपुर में बेटे सनी देओल के लिए प्रचार करने पहुंचे धर्मेंद्र ने कहा है कि “अगर पता होता कि गुरदासपुर में सनी के सामने हमारे दोस्त बलराम जाखड़ के बेटे सुनील जाखड़ चुनाव मैदान में हैं, तो शायद सनी को यहां से चुनाव नहीं लड़ने से मना कर देता, क्योंकि सुनील जाखड़ तो मेरे बेटे की तरह है... उनके पिता बलराम जाखड़ संग मेरा बहुत मधुर रिश्ता रहा है, वो बेहद अनुभवी पॉल‍टिशियन हैं और हमने तो खुद उनके लिए चुनाव में कैम्पेन किया है"
इसके आगे धर्मेंद्र ने कहा कि, ‘हम लोग तो फिल्म इंडस्ट्री से आते हैं… हम नेता नहीं, सेवक बनकर लोगों की सेवा करने आए हैं, यहां हम यहां भाषण देने नहीं बल्कि लोगों के दर्द को समझने आए हैं ताकि इसे दूर कर सके।"
वहीं बीजेपी के सांसद रह चुके धर्मेंद्र ने कहा कि, "मैंने बीकानेर में पांच साल में वो काम करके दिखाए हैं, जो कि पहले 50 साल में नहीं हुए थे, हालांकि बीकानेर से चुनाव लड़ने से पहले भाजपा ने मुझे पटियाला से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, पर जब मैंने देखा कि वहां से कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर भी चुनाव लड़ रही हैं, जिनका मै बहुत सम्मान करता हूं और वो मेरे लिए बहन की तरह है, ऐसे में मैंने वहां से चुनाव लड़ने के लिए मना कर दिया था।"
Author: Yashodhara Virodai
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