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अति किसी भी चीज की बुरी होती है, चाहें वो प्यार ही क्यों ना हो... जी हां, किसी भी रिलेशनशिप को बैलेंस रखने के लिए प्यार और भावनाओं का बैलेंस होना बहुत जरूर है। आपके लिए प्यार का प्रदर्शन जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है साथ ही प्रति भावनाओं पर नियंत्रण। वरना कई बार क्योंकि कई बार आपके प्यार का ओवरडोज ही आपके रिश्ते को खराब कर देता है। हालांकि कई बार ये लोग समझ ही नहीं पाते कि वो गलती कहां कर रहे हैं, मतलब कि उन्हें किस तरह से भावनाओं के अतिरेक से हमें बचना चाहिए। आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं कि आपका प्यार किस हद के बाद आपके रिलेशनशिप के लिए ओवरडोज बन जाता है।
प्यार करें पर पज़ेसिवनेस बचें
प्यार में अपनापन जताना एक हद तो ठीक है, पर इस बात का जरूर ध्यान रखें कि कहीं आपका ये प्यार दूसरे के लिए घुटन तो नहीं बन रहा है। कई बार लोग प्यार में इतने पज़ेसिव हो जाते हैं कि सामने वाले की सहजता और सुविधा का ध्यान तक नहीं रखते और फिर यही बात रिश्ते में दरार का कराण बनती है।
स्पेस बनाए रखें
किसी भी रिलेशनशिप में एक निश्चित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके बिना आपका रिश्ता बोरिंग हो जाता है। एक निश्चित स्पेस आपके रिश्ते में नयापन और आर्कषण बनाए रखता है।
उम्मीदें और चाहतों की भी हो सीमा
रिलेशनशिप में लोगों की अपने साथी से हजारों ख्वाहिशें और उम्मीदें जुड़ी होती है, पर इसकी भी एक सीमा होनी चाहिए। क्योंकि कई बार अधिक उम्मीद पाल लेना भी आपके लिए नुकसानदायक हो जाता है। खासकर जब आपका साथी ऐसी चीजों के प्रति उदासीन हो। असल में, कुछ लोग प्यार तो जरूर करते हैं, पर उन्हें दूसरे को जताना नहीं आता, ऐसे में हो सकता है कि वो आपकी ख्वाहिशों को ना समझ पाएं, पर उसका ये मतलब नहीं है कि वो आपसे प्यार नहीं करते हैं।
Author: Yashodhara Virodai
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