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पंकज उधास भारत के एक ऐसे मशहूर ग़ज़ल गायक हैं, जिनके गाने सुन-सुनकर अस्सी-नब्बे के दशक के लड़के-लड़कियों ने रोमांस करना साखा है। जी हाँ, पंकज उधास का जादू तब से लेकर आज तक उनके जेहन में बरक़रार है और ये आआज की पीढ़ी को भी कमोबेश वैसे ही फैसिनेट करता है जैसे ही दो दशक पुरानी पीढ़ी को करता आया है। यक़ीनन पंकज उधास की गायिकी का चमत्कार ऐसा है कि जिसकी कोई प्रेमिका भी न हो वो भी अपने ख़्यालों में किसी प्रेयसी का फ़र्ज़ कर लेता है और बरबस ख़्याली गुनगुना उठता है- “चाँद सी महबूबा हो मेरी कब ऐसा मैंने सोचा था, हाँ तुम बिल्कुल वैसी हो जैसा मैंने सोचा था।”
आपको बता दें कि पंकज उधास का जन्म पंकज उधास का जन्म गुजरात के जेतपुर में चारण समुदाय में 17 मई 1951 को हुआ था। जाने-माने ग़ज़ल गायक पंकज उधास आज अपना 68वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। ये भी जानना दिलचस्प है कि पंकज उधास वही ग़ज़ल गायक हैं, जिनको आज तक बहुत सारे लोग पंकज दास पंकज उदास कहकर बुलाते हैं और इसी नाम में इन्हें जानते-मानते हैं। बहरहाल, आज पंकज उधास के जन्मदिन के मौक़े पर हम क्यों न दशकों से लोगों के लिए प्रेम का माहौल सेट करने वाले इस मशहूर ग़ज़ल गायक के प्रेम की दिलचस्प कहानी जान लें।
हुआ यूँ था कि सत्तर के दशक में नौजवान पंकज उधास ने अपने एक पड़ोसी के घर में बेहद ख़ूबसूरत लड़की फरीदा को देखा। देखा क्या, देखते ही पंकज उधास फरीदा को दिल दे बैठे और फिर मन ही मन उन्हीं के हो गये। इस वक़्त पंकज उधास अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट कर रही थीं और फरीदा एअर हॉस्टेस थीं।
इस दौरान दोनों में दोस्ती काफी गहरी हो गयी और फिर डेट करने लग गये। आगे जाकर दोनों ने एक-दूसरे की बात समझी और गहरे प्रेम के सागर में जा उतरे। दोनों अपने उसी पड़ोसी के घर कई बार मिले, जहाँ वो पहली बार मिले थे। दोनों परिवारों की सहमति से पंकज और फरीदा ने 11 फरवरी, 1982 में विवाह कर लिया।
Author: Amit Rajpoot
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